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बीदासर में भारतीय किसान संघ का प्रदर्शन:आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन


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बीदासर में भारतीय किसान संघ का प्रदर्शन:आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

बीदासर में भारतीय किसान संघ का प्रदर्शन:आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

बीदासर : भारतीय किसान संघ, चूरू के नेतृत्व में बीदासर तहसील मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन 2 दिसंबर से 8 दिसंबर तक सुजानगढ़ और बीदासर क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत में निकाली गई किसान जागृति यात्रा के समापन के अवसर पर दिया गया।

भारतीय किसान संघ ने बताया कि चूरू जिला एक मरुस्थलीय क्षेत्र है और आज भी मुख्य रूप से बारानी खेती पर निर्भर है। भूमिगत जल स्तर अत्यधिक गहरा होने और सिंचाई के लिए अनुपयुक्त होने के कारण जिले की कृषि भूमि बंजर होती जा रही है।

संघ ने इस बात पर जोर दिया कि इंदिरा गांधी नहर का पानी जिले से सटकर मोहनगढ़-नाचना तक पहुंच चुका है, लेकिन चूरू जिला अभी भी नहरी पानी से वंचित है। किसानों ने मांग की है कि चिनाब, झेलम और सिंधु नदी जल समझौता रद्द होने के बाद उपलब्ध अतिरिक्त जल से या केंद्र सरकार की प्रस्तावित शारदा-यमुना-साबरमती लिंक परियोजना के तहत चूरू जिले की सभी तहसीलों को नहरी सिंचाई सुविधा प्रदान की जाए।

ज्ञापन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 11 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। इसमें से केवल 2.70 लाख हेक्टेयर में नलकूपों से और मात्र 30 हजार हेक्टेयर में नहरी पानी से सिंचाई हो रही है। भू-गर्भ जल स्तर में लगातार गिरावट के कारण नलकूप सिंचाई का रकबा भी कम होता जा रहा है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, किसानों ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के बजट से चूरू जिले के लिए एक अलग नहर योजना स्वीकृत करने की मांग की है।

अन्य मांगों में उर्वरकों पर कृषि के नाम से दिए जा रहे अनुदान को कंपनियों के बजाय सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित करना शामिल है। साथ ही, मूंगफली, मूंग, उड़द, सोयाबीन, बाजरा और गेहूं जैसी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद में मध्य प्रदेश की तर्ज पर भावांतर राशि सीधे किसानों के खातों में देने की मांग की गई है। इससे खरीद केंद्रों पर होने वाले भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकेगा।

भारतीय किसान संघ, चूरू ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो संगठन के नेतृत्व में जिलेभर के किसान 8 मार्च से जिला मुख्यालय चूरू पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।

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