दाऊद के गुर्गे ने बताई थी राजस्थानी तस्करों की लोकेशन:मुंबई के माफिया कर रहे थे फंडिंग; झुंझुनूं की ड्रग्स फैक्ट्री का D कंपनी से कनेक्शन
दाऊद के गुर्गे ने बताई थी राजस्थानी तस्करों की लोकेशन:मुंबई के माफिया कर रहे थे फंडिंग; झुंझुनूं की ड्रग्स फैक्ट्री का D कंपनी से कनेक्शन
झुंझुनूं : झुंझुनूं में पकड़ी गई ड्रग फैक्ट्री में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। फैक्ट्री का असली मास्टरमाइंड पूर्व सरपंच का भतीजा नहीं बल्कि मुंबई-गुजरात में बैठा ड्रग्स माफिया है। दाऊद इब्राहिम की गैंग का मेंबर भी इनसे जुड़ा है। उसी ने पूछताछ में राजस्थान के नांद का बास में ड्रग्स फैक्ट्री की जानकारी शेयर की थी। इसके बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट हुई थीं। फैक्ट्री पूर्व सरपंच का भतीजा अनिल सिहाग अपने दोस्त बिज्जू के साथ चला रहा था। सिहाग से मुंबई पुलिस पूछताछ कर रही है।
पढ़िए- ड्रग्स शिफ्टिंग और D कंपनी के कनेक्शन की रिपोर्ट…
दाऊद के गुर्गे ने बताई राजस्थानी तस्करों की लोकेशन
मीरा भायंदर-वसई विरार (MBVV) पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक के अनुसार, इस केस में पहली गिरफ्तारी 4 अक्टूबर को मुंबई में की गई थी। इस रेड में महाराष्ट्र पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। सेल को इनपुट मिला कि एक ऐसा ही नेक्सस गुजरात में भी चल रहा है। जहां से अक्टूबर महीने में ही कार्रवाई कर 4 तस्करों पर गुजरात में कार्रवाई हुई। इन 10 लोगों की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान के झुंझुनूं में एक और फैक्ट्री संचालित होने का इनपुट मिला। मुंबई में हुई गिरफ्तारी में दाऊद गैंग का मेंबर मोहम्मद परियानी भी था। उसी से हुई पूछताछ में राजस्थान का नाम सामने आया था। इसमें अनिल और बिज्जू के नाम और उनकी लोकेशन पता चली थी।

अनिल पकड़ा, बिज्जू अब भी फरार
पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक ने बताया कि- ANC की टीम ने प्लान के तहत अनिल को MD की सप्लाई करने बुलाया था। उसे लालच दिया कि अगर कल डिलीवरी नहीं दी तो पार्टी चली जाएगी। ऐसे में 14 दिसंबर की सुबह सीकर के कलेक्ट्रेट के पास अनिल 1 KG MD लेकर आया। यहां उनके इंतजार में बैठी ANC की टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसने पूछताछ में बताया कि फैक्ट्री उसकी नहीं बल्कि बिज्जू की है।
ऐसे में, ANC टीम ने उसे बिज्जू को कॉल कर बुलाने को कहा। बिज्जू वहां अपनी कार में आया लेकिन, उसे भनक लग गई थी कि कुछ गड़बड़ है। ऐसे में, वह अपनी कार भगा कर फरार हो गया। पूछताछ में सामने आया कि अनिल और बिज्जू ने गुजरात में भी बड़ी सप्लाई दी थी। झालावाड़ के एमडी तस्कर सोहेल पठान उर्फ सोहेल लाला के जरिए ही बिज्जू का संपर्क गुजरात और महाराष्ट्र के बड़े तस्करों से हुआ था। यहीं से फैक्ट्री लगाने का पैसा आया है।

लोकल सपोर्ट से तैयार हुआ पूरा नेटवर्क
कौशिक ने बताया- गुजरात और मुंबई के तस्कर अब राजस्थान में शिफ्ट हो रहे हैं। यहां सुनसान गांवों में लालच देकर लोगों से फैक्ट्रियां लगवाई जाती है और छोटी-छोटी मात्रा में ड्रग्स मुंबई और गुजरात भिजवाया जाता है। झुंझुनूं की इस फैक्ट्री से अब तक कई किलो ड्रग्स मुंबई सप्लाई किया जा चुका है। जांच में खुलासा हुआ है कि नांद और नांद के बास इलाके के करीब 50 से 60 युवा इस नेटवर्क से जुड़े हैं। आरोपियों ने महज 15 दिनों के भीतर फैक्ट्री में करीब 10 किलो एमडीएमए तैयार कर ली थी।

बिज्जू खुद तैयार करता था MD
बिज्जू करीब 1 साल से ऐसी सुनसान जगह ढूंढ रहा था जहां ड्रग बनाने के दौरान निकलने वाली तेज गंध से किसी को शक न हो। बिज्जू ने अनिल को किराए का लालच दिया। 26 नवंबर को बिज्जू हरियाणा नंबर की कार में केमिकल, ड्रम, कांच के फ्लास्क और हीटर लेकर नांद गांव पहुंचा। अनिल के चाचा (पूर्व सरपंच) के मुर्गी फार्म के दाना गोदाम को खाली करवाकर वहां लैब सेटअप की गई। बिज्जू खुद केमिकल्स को गर्म कर एमडी तैयार करता था और अनिल उसे सामान उपलब्ध करवाता था।
कौन है फरार बिज्जू
बिज्जू उर्फ डेडराज सीकर के नेतड़वास का निवासी बिज्जू पहले अवैध शराब का काम करता था। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। जेल छूटने के बाद बाद वह फरार होकर ड्रग्स के धंधे में आ गया। वह जग्गा, डिम्पी और डेडराज जैसे नामों से अपनी पहचान बदलता रहा है।
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