शेखावाटी की धरा के साथ प्राचीन सभ्यता का अध्याय भी जुड़ा : डॉ. मधुसूदन मालानी
शेखावाटी की धरा के साथ प्राचीन सभ्यता का अध्याय भी जुड़ा : डॉ. मधुसूदन मालानी
खेतड़ी : शेखावाटी की धरा को अब तक वीर-प्रसूता भूमि के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन खेतड़ी क्षेत्र के पास स्थित बांसियाल गांव में मिले करीब 4500 वर्ष पुराने ताम्र-पाषाणिक सभ्यता के महत्वपूर्ण अवशेषों ने इस क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
जिले के भाजपा युवा नेता डॉ. मधुसूदन मालानी ने बांसियाल गांव का दौरा करने के बाद कहा कि शेखावाटी की भूमि केवल वीरता के लिए ही नहीं, बल्कि प्राचीन और समृद्ध सभ्यता के लिए भी जानी जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार खुदाई के दौरान तांबे के आभूषण, हड्डियों से बने औजार तथा मिट्टी के बर्तन प्राप्त हुए हैं, जो हड़प्पा काल के समकालीन माने जा रहे हैं।
डॉ. मालानी ने कहा कि ये अवशेष इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह क्षेत्र गणेश्वर–जोधपुरा जैसी ताम्र-पाषाणिक सभ्यताओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और इसके हड़प्पा सभ्यता से व्यापारिक संबंध भी रहे होंगे। खुदाई में मिले प्रमाण दर्शाते हैं कि यह इलाका कभी संगठित जीवन शैली और विकसित सामाजिक संरचना का केंद्र रहा होगा।
उन्होंने कहा कि वे शेखावाटी की पुरातात्विक धरोहर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार को लेकर गंभीर हैं और इसके लिए निरंतर प्रयासरत हैं। डॉ. मालानी ने यह भी बताया कि शेखावाटी क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिनके विकास से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं। इस अवसर पर शेर सिंह निर्माण, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19







Total views : 2034151


