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कोटा में आयोजित हुआ राजस्थान अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का जनसंवाद कार्यक्रम


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कोटा में आयोजित हुआ राजस्थान अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का जनसंवाद कार्यक्रम

ओबीसी के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण के लिए करेंगे सशक्त पैरवी- मदन भाटी, अध्यक्ष

कोटा : राजस्थान अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग द्वारा कोटा में संभाग स्तरीय जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ओबीसी आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि जिला परिषद सभागार में आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश (सेनि.) मदनलाल भाटी की अध्यक्षता में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं पंचायती राज जनप्रतिनिधियों ने सुझाव रखे। इस जनसुनवाई का उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े मुद्दों पर प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर सुझाव एकत्रित करना रहा। इसमें पंचायती राज के पूर्व एवं मौजूदा जनप्रतिनिधि, शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, उपनिदेशक स्थानीय निकाय दिवांशु शर्मा, नगर निगम उपयुक्त जवाहर जैन उपस्थित रहे।

आयोग के अध्यक्ष भाटी सहित सदस्य गोपाल कृष्ण, प्रो. राजीव सक्सेना, मोहन मोरवाल, पवन मंडाविया तथा सचिव (सलाहकार) अशोक कुमार जैन भी उपस्थित रहे। आयोग अध्यक्ष ने बताया, आयोग ने तय किया है कि संभाग मुख्यालयों पर पहुँचकर आम जनता, राजनैतिक व्यक्तियों, हितबद्ध व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विचार जानने हेतु उनसे चर्चा की जाए।इस परिचर्चा के माध्यम से ओबीसी आयोग आमजन से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर अन्य पिछड़ा वर्गाे के क्षेत्रवार मुद्दे, विकास संबंधी आवश्यकताएं, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां और ओबीसी समुदाय के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सुझाव प्राप्त कर रहा है। प्राप्त सुझावों को रिपोर्ट में समाहित किया जाएगा ताकि राज्य में ओबीसी समुदाय के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण के लिए ठोस नीति-निर्माण हो सके।

जनसंवाद/परिचर्चा कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि सभी वर्गों/समुदायों को आयोजित प्रतिनिधित्व दिलाना हम सब की जिम्मेदारी है। राकेश जैन ने सुझाव दिया कि कुछ जातियां ऐसी हैं जो आरक्षण का दोहरा लाभ उठा रही हैं जबकि कुछ जातियां लाभ लेने से वंचित हैं, इसकी समीक्षा कर असंतुलन दूर करने के प्रयास होने चाहिए। इस अवसर पर अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, सेन, केवट, प्रजापति आदि समुदायों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए आयोग अध्यक्ष से उनके सुझावों को समीक्षा में शामिल करने का आग्रह किया।

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