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कीचड़ में से होकर गुजरने को मजबूर स्कूली बच्चे:करीब 3 साल से रास्ते में जलभराव, समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण करेंगे सड़क जाम


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कीचड़ में से होकर गुजरने को मजबूर स्कूली बच्चे:करीब 3 साल से रास्ते में जलभराव, समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण करेंगे सड़क जाम

कीचड़ में से होकर गुजरने को मजबूर स्कूली बच्चे:करीब 3 साल से रास्ते में जलभराव, समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण करेंगे सड़क जाम

सीकर : सीकर शहर से पालवास गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर करीब तीन साल से जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। अभी भी सड़क पर एक फीट तक जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। हालांकि, इसकी शिकायत कई बार लोगों ने पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन को की है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हो पाया है।

स्कूली बच्चों को भी इसी रास्ते होकर स्कूल जाना पड़ता है। स्कूल जाते समय बच्चे अपने जूतों को हाथ में लेकर स्कूल जाने को मजबूर है। जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीण शुक्रवार को एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सोमवार तक इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सड़क जाम कर देंगे। अगर आंदोलन हुआ तो जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीण शुक्रवार को एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीण शुक्रवार को एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी को कई बार की शिकायत

गांव के एडवोकेट हनुमान सिंह ने बताया कि गांव में पिछले करीब 3 साल से इस तरह की समस्या बनी हुई है। इस बार तो दिसंबर महीने में भी हालात यह है कि करीब 500 मीटर एरिया में जलभराव है। प्रशासन और पीडब्ल्यूडी को कई बार अवगत करवा चुके हैं। हर बार आश्वासन देते हैं कि टेंडर प्रक्रिया में है, लेकिन कोई भी काम नहीं होता है। इसलिए ग्रामीणों ने सोमवार तक समाधान नहीं होने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।

गांव के रहने वाले युवक की बाइक कीचड़ में स्लिप हो गई। उसका पैर फ्रेक्चर हो गया और पिता भी चोटिल हो गए।
गांव के रहने वाले युवक की बाइक कीचड़ में स्लिप हो गई। उसका पैर फ्रेक्चर हो गया और पिता भी चोटिल हो गए।

गंदे पानी में बाइक स्लिप होने पर पिता-पुत्र चोटिल

गांव के रहने वाले युवक विकास ने बताया कि वह अपने पिता के साथ सीकर गया था। वापस लौटते समय इस गंदे पानी में उनकी बाइक स्लिप हुई और दोनों गिर गए। पिता के हाथ और पैर पर चोट आई, जबकि उसका दाहिना पैर फ्रैक्चर हो गया।

कीचड़ से होकर निकालनी पड़ती है अंतिम यात्रा

वहीं ओमप्रकाश जांगिड़ ने बताया कि गांव के हालात यह है कि यदि किसी की मौत हो जाती है, तो उसकी अंतिम यात्रा भी इस कीचड़ के बीच से ही निकालनी पड़ती है। गांव के लोगों को अपनी बेटियों की शादी करने में शर्म आती है। क्योंकि जब बारात आती है तो दूल्हे को भी इस गंदे पानी के बीच से होकर निकलना पड़ता है।

जूतों को हाथ में लेकर गंदे पानी के बीच से स्कूली बच्चे निकल रहे हैं।
जूतों को हाथ में लेकर गंदे पानी के बीच से स्कूली बच्चे निकल रहे हैं।

रास्ते में कीचड़ के कारण स्कूल में बच्चे रहते है एब्सेंट

गांव के सरकारी स्कूल के टीचर रामचंद्र बिजारणिया ने बताया कि गांव के ज्यादातर बच्चे स्कूल में अनुपस्थित रहते हैं। जब उनसे कारण पूछा जाता है तो वे कहते है कि गंदे पानी की वजह से वह स्कूल नहीं आ पाए। कई बार तो ऐसा होता है कि बच्चों की अटेंडेंस कम रहती है, इसलिए वह परीक्षा तक में शामिल नहीं हो पाते हैं।

गंदे पानी के बीच जूते उतारकर निकलते हैं विद्यार्थी

सरकारी स्कूल की छात्रा रेखा ने बताया कि हमें गंदे पानी के बीच जूते उतारकर निकलना पड़ता है। पानी में से निकलने वाले वाहनों की वजह से गंदे पानी के दाग कपड़ों पर लग जाते हैं, जिससे रोजाना ही स्कूल ड्रेस भी खराब हो जाती है।

गंदे पानी में पैर फिसला तो अर्थी भी गिरते-गिरते बची

ग्रामीण भींवाराम राठी ने बताया कि पिछले दिनों एक बुजुर्ग की मौत होने पर अंतिम यात्रा निकल रही थी। इस गंदे पानी के बीच जब अंतिम यात्रा पहुंची तो अर्थी को कंधा देने वाले एक युवक का पैर फिसल गया। ऐसे में वह अर्थी भी पानी की तरफ नीचे हो गई।

गंदे पानी के बीच गुजरती गाड़ियां। यह रास्ता सीकर से डीडवाना भी जाता है।
गंदे पानी के बीच गुजरती गाड़ियां। यह रास्ता सीकर से डीडवाना भी जाता है।

स्थानीय प्रशासन से ग्रामीणों की जल्द समाधान करने की अपील

करणी गोपाल गौशाला धाम के महंत चंद्रमादास ने कहा कि गंदे पानी के बीच हमें होकर निकलना पड़ता है, बड़ी शर्म आती है। स्थानीय प्रशासन से आग्रह है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दे।

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