झुंझुनूं के युवाओं की उपेक्षा, उद्यमिता में भेदभाव-सांसद बृजेंद्र सिंह ओला का लोकसभा में आरोप
झुंझुनूं के युवाओं की उपेक्षा, उद्यमिता में भेदभाव-सांसद बृजेंद्र सिंह ओला का लोकसभा में आरोप
नई दिल्ली/झुंझुनूं : सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से झुंझुनूं में उद्यमिता, रोजगार और MSME विकास से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार के जवाब ने झुंझुनूं की उपेक्षा को स्पष्ट कर दिया है।
ओला ने बताया कि पीएमईजीपी योजना के तहत देशभर में 4,11,627 लाभार्थी हैं, लेकिन झुंझुनूं जैसे बड़े जिले को मात्र 470 लाभार्थियों तक सीमित रखा गया। वहीं पूरे देश में 1,418 इंक्यूबेशन विज़िटर्स में से झुंझुनूं से सिर्फ एक व्यक्ति का शामिल होना “सरकारी उदासीनता का प्रमाण” बताया।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में 10,002 लाभार्थियों के बावजूद झुंझुनूं को बहुत कम लाभ मिला, जो भेदभाव और असमानता को दर्शाता है। सांसद ने सरकार पर कागज़ी घोषणाओं के सहारे झूठा विकास दिखाने और झुंझुनूं के युवाओं को लगातार दरकिनार करने का आरोप लगाया।
ओला ने मांग की कि झुंझुनूं में उद्यमिता इंक्यूबेशन/इनोवेशन सेंटर की स्थापना की जाए और पीएमईजीपी व MSME योजनाओं में जिले को न्यायसंगत हिस्सेदारी मिले। साथ ही युवाओं के लिए वास्तविक रोजगार अवसर सुनिश्चित कर योजनाओं की पारदर्शी मॉनिटरिंग की जाए।
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