[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

इंस्पायर अवॉर्ड योजना में झुंझुनूं का जलवा:6513 विद्यार्थियों ने भेजे इनोवेटिव आइडिया, जयपुर के बाद दूसरे नंबर पर


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

इंस्पायर अवॉर्ड योजना में झुंझुनूं का जलवा:6513 विद्यार्थियों ने भेजे इनोवेटिव आइडिया, जयपुर के बाद दूसरे नंबर पर

इंस्पायर अवॉर्ड योजना में झुंझुनूं का जलवा:6513 विद्यार्थियों ने भेजे इनोवेटिव आइडिया, जयपुर के बाद दूसरे नंबर पर

झुंझुनूं : वैज्ञानिक सोच और नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए देशभर में संचालित इंस्पायर अवॉर्ड-मानक योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार झुंझुनूं जिले के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी सृजनात्मकता का लोहा मनवाया है। जिले के विद्यार्थियों ने इस योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रदेश स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया।

प्रदेश के 1.41 लाख (कुल 1,41,142) विद्यार्थियों ने इस योजना के लिए आवेदन किए हैं। इनमें से झुंझुनूं जिले से 6,513 छात्र-छात्राओं ने अपने इनोवेटिव आइडिया भेजे हैं। वहीं, जयपुर जिला 9,717 आवेदनों के साथ शीर्ष पर रहा। झुंझुनूं जिले के 1,368 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।

ब्यावर व डीडवाना-कुचामन रहे फिसड्डी

जहां एक ओर जयपुर और झुंझुनूं जैसे जिले आगे रहे, वहीं प्रदेश के कुछ जिले बहुत पीछे रह गए। ब्यावर जिले से केवल 40 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम हैं। वहीं डीडवाना-कुचामन जिले से महज 44 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। दोनों ही जिले आवेदन की सूची में सबसे नीचे हैं।

11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को भी मिला मौका

झुंझुनूं जिले के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं इंस्पायर अवॉर्ड योजना के जिला प्रभारी राजेश हलवान ने बताया कि इस बार योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले तक यह योजना केवल कक्षा 6 से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए थी, लेकिन इस बार इसमें 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है। इस बदलाव से योजना का दायरा बढ़ गया है और अब वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के पास भी अपने विचारों को प्रयोगशाला या मॉडल के रूप में विकसित करने का अवसर मिलेगा।

5 आइडिया भेज सकते थे विद्यालय

राजेश हलवान ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय को अधिकतम 5 इनोवेटिव आइडिया भेजने की अनुमति दी गई थी। झुंझुनूं जिले के अधिकांश विद्यालयों ने इस अवसर का पूरा लाभ उठाया और विद्यार्थियों को विज्ञान, पर्यावरण, कृषि, ऊर्जा और सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर नवाचार प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।

वर्ष 2009 से चल रही योजना

इंस्पायर अवॉर्ड योजना वर्ष 2009 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य स्कूली स्तर पर बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की रुचि और नवाचार की भावना विकसित करना है। शुरुआत में योजना केवल कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए थी, लेकिन समय के साथ इसकी पहुंच और उपयोगिता को देखते हुए सरकार ने वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक इसे विस्तारित किया है।

चयनित विद्यार्थियों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए

आवेदन के बाद विद्यार्थियों के भेजे गए आइडियाज की जांच एवं मूल्यांकन प्रक्रिया की जाएगी। इसमें से ऐसे विद्यार्थी चुने जाएंगे जिनके विचार नवाचार और सामाजिक उपयोगिता के दृष्टिकोण से सबसे खास होंगे। चयनित विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से 10-10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने आइडिया को मॉडल या प्रयोग के रूप में विकसित कर सकें। इस राशि से विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा सकेंगे, जिससे वे जिला और राज्य स्तर की विज्ञान प्रदर्शनियों में भाग ले सकें। इसके बाद चयनित मॉडल्स को राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में भेजा जाएगा।

झुंझुनूं के विद्यालयों में उत्साह

जिले के विद्यालयों में इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है। कई शिक्षकों ने बताया कि इस बार बच्चों में विज्ञान प्रोजेक्ट के प्रति विशेष रुचि देखने को मिली। ग्रामीण विद्यालयों से भी अच्छी संख्या में आवेदन आए हैं। शिक्षकों ने कहा कि इस तरह की योजनाएं बच्चों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को निखारने में अहम भूमिका निभाती हैं। विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं के लिए यह मंच उनकी कल्पनाशक्ति को देश के सामने लाने का अवसर देता है।

झुंझुनूं का रिकॉर्ड लगातार बेहतर

झुंझुनूं जिला पहले भी इंस्पायर अवॉर्ड जैसी योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन करता रहा है। यहां के कई विद्यार्थियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रोजेक्ट्स के जरिए नाम कमाया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जिले के स्कूलों में विज्ञान शिक्षकों की सक्रियता और जिला स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यशालाओं का सीधा असर आवेदन संख्या पर पड़ा है। राज्य स्तर पर आने वाले दिनों में चयनित विद्यार्थियों की सूची जारी की जाएगी।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22 situs raffi ahmad