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जैसलमेर बस हादसे के बाद परिवहन विभाग सख्त:तीन स्लीपर बसें जब्त, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर 10 दिन का अल्टीमेटम


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

जैसलमेर बस हादसे के बाद परिवहन विभाग सख्त:तीन स्लीपर बसें जब्त, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर 10 दिन का अल्टीमेटम

जैसलमेर बस हादसे के बाद परिवहन विभाग सख्त:तीन स्लीपर बसें जब्त, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर 10 दिन का अल्टीमेटम

झुंझुनूं : जैसलमेर में हाल ही में हुई स्लीपर बस आगजनी की भयावह घटना के बाद परिवहन विभाग अब पूरे प्रदेश में सख्ती बरतने लगा है। हादसे के बाद सरकार ने स्लीपर बसों की सुरक्षा जांच का विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत झुंझुनूं जिले में गुरुवार को परिवहन विभाग की टीम ने झुंझुनूं-सीकर रोड पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।

जिला परिवहन अधिकारी मोनू सिंह मीणा के निर्देशन में परिवहन निरीक्षक रमेश यादव और रोहिताश भागासरा के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान तीन स्लीपर बसों को जब्त किया गया। साथ ही पांच ओवरलोड वाहनों का चालान काटा गया। इन कार्रवाइयों से विभाग को करीब पांच लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

स्लीपर बसों में सुरक्षा नियमों की खुली पोल

जांच टीम ने बताया कि कई स्लीपर बसें सुरक्षा मानकों की गंभीर अवहेलना कर रही थीं। कुछ बसों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) के स्थान पर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई थीं, जिससे हादसे की स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद था।

इमरजेंसी एग्जिट खुली रखें

परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर चार बसों में ऐसी सीटों को हटवाया और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बस संचालक आपातकालीन निकास को पूरी तरह कार्यशील रखें। साथ ही बसों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। परिवहन निरीक्षक रमेश यादव ने बताया कि चेकिंग के दौरान दो बसों का टैक्स बकाया था और एक बस को इलीगल मॉडिफिकेशन (गैरकानूनी बदलाव) के कारण जब्त किया गया। “कई बसों में एमरजेंसी एग्जिट बंद मिले। हमने मौके पर इन्हें खोलकर जांच की और संचालकों को निर्देश दिए कि वे शीशे बदलवाएं और सीटें हटवाएं। जिन बसों में पीछे लगेज कम्पार्टमेंट बढ़ाया गया है, उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है।

जैसलमेर बस हादसे के बाद परिवहन विभाग सख्त तीन बसों को किया जब्त
जैसलमेर बस हादसे के बाद परिवहन विभाग सख्त तीन बसों को किया जब्त

10 दिन में सुधार करें, फिर दोबारा पेश करें

इंस्पेक्टर रमेश यादव ने बताया कि जिन बस संचालकों की गाड़ियां जब्त या चालान की गई हैं, उन्हें 10 दिन का समय दिया गया है कि वे अपने वाहनों को सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाकर दोबारा परिवहन कार्यालय में पेश करें।

उन्होंने कहा — “हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, एमरजेंसी एग्जिट, और अन्य उपकरणों का होना अनिवार्य है। आगे से परमिशन केवल उन्हीं बसों को दी जाएगी जो सभी सुरक्षा नियमों का पालन करेंगी।”

बसों की मॉडिफिकेशन पर भी सख्ती

परिवहन विभाग ने साफ कहा है कि किसी भी बस में बिना अनुमति मॉडिफिकेशन या स्ट्रक्चरल बदलाव किया गया तो वाहन तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जिन बसों में यात्री सीटें आपातकालीन गेट के सामने लगाई गई हैं, उन्हें हटाया जाएगा। वहीं, जिन बसों में रजिस्ट्रेशन के बाद अतिरिक्त केबिन, लगेज स्पेस या ऊपरी डेक बनाया गया है, उन्हें इलीगल अल्टरड व्हीकल मानते हुए जब्त किया जाएगा।

सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर 10 दिन का अल्टीमेटम
सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर 10 दिन का अल्टीमेटम

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि: परिवहन विभाग

जिला परिवहन अधिकारी मोनू सिंह मीणा ने कहा कि जैसलमेर में हुई दर्दनाक घटना के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को बसों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा- जिन बसों में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं है या एमरजेंसी एग्जिट अवरुद्ध है, उन्हें सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।

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