खड़ी फसल पर टावर निर्माण कंपनी ने चलाया ट्रैक्टर:किसान बोले-बिना अनुमति और मुआवजा दिए घुसे कर्मचारी, कंपनी ने कहा-नुकसान का मुआवजा देंगे
खड़ी फसल पर टावर निर्माण कंपनी ने चलाया ट्रैक्टर:किसान बोले-बिना अनुमति और मुआवजा दिए घुसे कर्मचारी, कंपनी ने कहा-नुकसान का मुआवजा देंगे
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
पाटन : पाटन के स्यालोदड़ा में हाईटेंशन लाइन टावर निर्माण के दौरान बिना मुआवजा दिए खेतों में ट्रैक्टर चलाकर फसल नष्ट करने का खेत मालिकों ने विरोध किया है। ये लाइन बीकानेर से नीमराना तक बिछाई जा रही है। प्रभावित किसान जयमल, जयराम, रामेश्वर और बद्री प्रसाद ने बताया-उनके खेतों के पास बिजली टावर का निर्माण चल रहा है। टावर पर तार लगाने के दौरान कंपनी के कर्मचारी ट्रैक्टर से खेतों में प्रवेश कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कंपनी ने न तो अनुमति ली और न ही मुआवजा दिया। किसानों को दो तरह का नुकसान हो रहा है। बिजली लाइन से जमीन की कीमत कम हुई है और खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है।
मामले को लेकर नीमकाथाना उपखंड अधिकारी राजवीर सिंह ने कहा-मेरे पास अभी किसी किसान की कोई शिकायत नहीं आई है। प्रभावित किसानों को सरकारी मापदंडों के अनुसार किसानों को उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा। वहीं कंपनी के सेक्शन इंचार्ज राजीव झा ने बताया-फसल के नुकसान का अभी मुआवजा नहीं दिया गया है। फसल नुकसान का मुआवजा सर्वे के बाद दिया जाएगा। एक टावर से दूसरे टावर के बीच तारों के नीचे की जमीन का डीएलसी रेट का 30 प्रतिशत मुआवजा देने का प्रावधान है। इसके अलावा फसल के नुकसान का अलग से मुआवजा दिया जाएगा।
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