सहड़ का बास को देवलावास में जोड़ने का विरोध:ग्रामीण बोले- 10 किमी दूर जाना पड़ेगा; पचेरीकलां में ही रखने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
सहड़ का बास को देवलावास में जोड़ने का विरोध:ग्रामीण बोले- 10 किमी दूर जाना पड़ेगा; पचेरीकलां में ही रखने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

बुहाना : बुहाना के पचेरीकलां पंचायत के राजस्व ग्राम सहड़ का बास के ग्रामीणों ने नई पंचायत व्यवस्था का विरोध किया है। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी पंचायत पचेरी कला में ही बनाए रखने की मांग की है। सहड़ का बास की 689 की आबादी विभिन्न ढाणियों में बसी हुई है। वर्तमान में ये पंचायत मुख्यालय से मात्र 3 किलोमीटर दूर है। प्रस्तावित नई व्यवस्था में इसे देवलावास पंचायत में जोड़ा जा रहा है, जो 8 से 10 किलोमीटर दूर है।
ग्रामीणों का कहना है कि देवलावास जाने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं है। उन्हें या तो वर्तमान पंचायत मुख्यालय होकर 10 किलोमीटर का सफर तय करना होगा या भिर्र मुख्यालय से इंद्रसर गांव होते हुए 12 किलोमीटर जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि सहड़ का बास अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र है। उनका आरोप है कि राजनीतिक कारणों से उन्हें परेशान किया जा रहा है। एसडीएम सुमन देवी और विकास अधिकारी अशोक कुमार को दिए ज्ञापन में कहा गया कि मौजूदा व्यवस्था ही जनहित में बेहतर है।
ज्ञापन देने वालों में एडवोकेट हरेश पंवार, उपसरपंच धर्मपाल, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश बोहरा, इंद्राज सिंह मेघवाल, मास्टर काशीराम यादव, रूडमल यादव, महेंद्र सिंह शर्मा, चंद्रभान, राम अवतार, सुंदरलाल मेघवाल, राम सिंह, जसवंत सिंह, निक्कू चौरा, रण सिंह यादव, महेंद्र सिंह पंच, कृष्ण कुमार, डॉ दीपचंद, राधेश्याम पंवार, गोपी पंवार समेत कई गणमान्य लोग शामिल थे।