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पाटन से अंतर्राज्यीय कृषक भ्रमण दल रवाना:2500 किलोमीटर का दौरा कर किसान सीखेंगे जल संरक्षण, कृषि की नई तकनीकें


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पाटन से अंतर्राज्यीय कृषक भ्रमण दल रवाना:2500 किलोमीटर का दौरा कर किसान सीखेंगे जल संरक्षण, कृषि की नई तकनीकें

पाटन से अंतर्राज्यीय कृषक भ्रमण दल रवाना:2500 किलोमीटर का दौरा कर किसान सीखेंगे जल संरक्षण, कृषि की नई तकनीकें

पाटन : पाटन कस्बे से शुक्रवार को जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग की ओर से सात दिवसीय अंतर्राज्यीय कृषक भ्रमण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह दल प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत डाबला व पाटन स्थित जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण क्षेत्र के किसानों के लिए आयोजित किया गया है।

कनिष्ठ अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किसानों को राज्य के बाहर विभिन्न कृषि पद्धतियों और जल संरक्षण तकनीकों का अध्ययन कराना है। यह भ्रमण दल कुल 2500 किलोमीटर की यात्रा करेगा, जिसमें राजस्थान और गुजरात के कई महत्वपूर्ण कृषि स्थलों का दौरा शामिल है। यात्रा 20 फरवरी को पाटन से शुरू होकर 26 फरवरी को अजमेर होते हुए वापस पाटन पहुंचेगी। भ्रमण के दौरान, दल चित्तौड़गढ़ में आगोरिया चरागाह ग्राम पंचायत आगोरिया ब्लॉक भदेसर का दौरा करेगा। इसके बाद, दाहोद (गुजरात) में एन.एम. सतगुरू फाउण्डेशन के जलग्रहण कार्यों का निरीक्षण किया जाएगा।

आनंद में अमूल डेयरी का दौरा और पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, दुग्ध प्रोसेसिंग तथा फेडरेशन से संबंधित विषयों पर व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। उदयपुर में महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय और कृषि प्रौद्योगिकी महाविद्यालय का भी भ्रमण होगा।

आबूरोड में देवधर ब्लॉक फील्ड विजिट की जाएगी। अजमेर में मसाला अनुसंधान केंद्र तबीजी, कृषि विज्ञान केंद्र अजमेर और पुष्कर में फूलों की खेती का अवलोकन किया जाएगा। नागौर जिले के पीएमकेएसवाई जलग्रहण क्षेत्रों का भी भ्रमण करेगा। इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और जल संरक्षण के नवीन तरीकों से परिचित कराना है।

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