[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियम 2025 की पालना के दिए निर्देश


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियम 2025 की पालना के दिए निर्देश

जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियम 2025 की पालना के दिए निर्देश

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने आदेश जारी कर जिले में जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 एवं राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियम, 2025 के अर्न्तगत संशोधित प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेशानुसार भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय, गृह मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 13 सितम्बर, 2023 द्वारा जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 भारत के राजपत्र में प्रकाशित किये गये है और इस अधिनियम के उदेश्यों की पूर्ति हेतु राज्य में राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियम, 2025 दिनांक 07 फरवरी, 2025 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया है।

अधिनियम में मुख्य संशोधन के अनुसार नियम 9 (2) के अन्तर्गत जन्म और मृत्यु की 30 दिवस के पश्चात 1 वर्ष के भीतर की घटना हेतु जारी की जाने वाली अनुज्ञा ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी द्वारा जारी की जाएगी। नियम 9 (2) एवं (3) के अन्तर्गत जन्म या मृत्यु की घटना की सूचना 21 दिवस पश्चात परंतु 30 दिवस के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो 1 रूपये विलम्ब शुल्क के स्थान पर 20 रुपए विलम्ब शुल्क देय होगा तथा घटना की सूचना 01 वर्ष के भीतर दी जाती है तो 50 रुपए विलम्ब शुल्क देय होगा तथा घटना की सूचना 01 वर्ष पश्चात दिए जाने पर 100 रुपए विलम्ब शुल्क देय होगा।

नियम 9 (2) में जन्म-मृत्यु के विलम्बित रजिस्ट्रीकरण में नोटरी सत्यापन को समाप्त किया गया है। नियम 16 (2) में चिकित्सा संस्थानों के द्वारा जन्म-मृत्यु पंजीयन में 21 दिवस से अधिक विलम्ब किये जाने पर अथवा सूचना समय पर नही देने पर पूर्व में 50 रूपये की पेनल्टी का प्रावधान था, जिसे बढाकर अब 250 रुपए एवं अधिकतम 1000 रुपए की पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। नियम 16 (क) में अपील का प्रावधान किया गया है, यदि प्रार्थी रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार के कार्य या किसी आदेश से संतुष्ट नही है तो मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को अपील कर सकता है। संख्या-4 क अनिर्वाय रूप से जारी कर मृतक के परिजन को भी उपलब्ध कराया जाएगा।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22 situs raffi ahmad situs slot gacor hari ini bt62