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कांग्रेस विधायकों का विधानसभा में तीसरे दिन भी धरना:लगातार दो रात सदन में सोए , मंत्रियों ने फर्श पर बैठक वार्ता की लेकिन नहीं टूटा डेडलॉक


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कांग्रेस विधायकों का विधानसभा में तीसरे दिन भी धरना:लगातार दो रात सदन में सोए , मंत्रियों ने फर्श पर बैठक वार्ता की लेकिन नहीं टूटा डेडलॉक

कांग्रेस विधायकों का विधानसभा में तीसरे दिन भी धरना:लगातार दो रात सदन में सोए , मंत्रियों ने फर्श पर बैठक वार्ता की लेकिन नहीं टूटा डेडलॉक

जयपुर : कांग्रेस विधायक तीन दिन से सदन में धरना दे रहे हैं। गतिरोध अब तक बरकरार है। विधानसभा में शुक्रवार को इंदिरा गांधी पर मंत्री की गई टिप्पणी के विरोध पर हुए हंगामे के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित छह विधायकों को बजट सत्र से सस्पेंड कर दिया था। उसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन में ही धरना दे रहे हैं।

कांग्रेस विधायकों के धरने को समाप्त करवाने के लिए दो बार मंत्री वार्ता कर चुके हैं, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बनने से गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस विधायक निलंबन बहाली, इंदिरा गांधी पर टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के माफी मांगने की मांग पर अड़े हुए हैं। कांग्रेस विधायकों के निलंबन के खिलाफ शनिवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किए और पुतले जलाए। अब कांग्रेस ने 24 को विधानसभा घेराव की भी तैयारी की है, हालांकि उसकी औपचारिक घोषणा नहीं की।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित छह विधायकों को बजट सत्र से सस्पेंड किया गया है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित छह विधायकों को बजट सत्र से सस्पेंड किया गया है।

पहले माफी मांगने पर उलझी बात, इसीसे गतिरोध

शुक्रवार को मंत्री की इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणी के बाद हुए हंगामे में डोटासरा और छह कांग्रेस विधायक विधानसभा स्पीकर के सामने टेबल तक पहुंच गए थे। हाथों से आक्रामक इशारे कर रहे थे। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इसे स्पीकर का अपमान और सदन के अनुशासन भंग करने से जोड़कर गलत बताया। निलंबन का आधार भी यही था।

जानकारी अनुसार, स्पीकर चाहते हैं कि पहले गोविंद सिंह डोटासरा माफी मांगे। उसके बाद आगे की बात हो। उधर कांग्रेस पहले मंत्री से माफी मंगवाने की बात कर रही है। इसी पर गतिरोध बना हुआ है।

मंत्रियों ने कहा- किसी शब्द पर आपत्ति तो कार्यवाही से हटाने को तैयार

इंदिरा गांधी पर कर गई टिप्पणी को विधानसभा की कार्यवाही से हटाने पर संसदीय कार्य मंत्री ने सहमति जताई है। कई मंत्रियों ने कहा है कि अगर उन्हें किसी शब्द से आपत्ति है तो वह सदन की कार्यवाही से हट जाएगा, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित करना गलत है।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल देर रात वार्ता करने पहुंचे थे।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल देर रात वार्ता करने पहुंचे थे।

ससंदीय कार्य मंत्री बोले- उम्मीद है गतिरोध टूटेगा, भगवान कांग्रेस विधायकों को सद्बुद्धि देगा

शनिवार देर रात कांग्रेस विधायकों से संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने वार्ता की। इसके बाद भी गतिरोध नहीं टूटा। वार्ता विफल होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- हम लोगों ने प्रतिपक्ष के साथियों से बात की है। हमारा मानना कि सदन चले। कांग्रेस अपनी हठधर्मिता को छोड़े। अपनी गलती का अहसास करें। उनका अभी उतना मन नहीं बना, लेकिन हमें विश्वास है कि हम बार-बार जाकर उनसे हकीकत को पहचानकर विकास में सहयोग करने का आग्रह करेंगे। सकारात्मक रूप से वार्ता चल रही है। हमें विश्वास है कि गतिरोध टूट जाना चाहिए।

पटेल ने कहा- हम वार्ता के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे, जब तक कि हम सफल नहीं हो जाए। निष्ठा से प्रयास करेंगे तो मुझे विश्वास है कि प्रतिपक्ष के साथियों को भी भगवान सद्बुद्धि देगा और वह भी निष्ठा से काम करेंगे।

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भी कांग्रेस विधायकों से बात की।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भी कांग्रेस विधायकों से बात की।

गृह राज्य मंत्री बोले- कांग्रेस को आगे बढ़कर गतिरोध खत्म करना चाहिए

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा- हमने विपक्ष के साथियों से वार्ता की है। सदन में गतिरोध पैदा करने से राजस्थान की जनता का नुकसान हो रहा है। वह कलंक सीधे कांग्रेस के माथे पर आ रहा है। क्योंकि आपने सदन में जिस तरह गरिमा को भंग किया ,अध्यक्ष के आसन पर जाकर उनकी भावना को आहत किया। यह विधानसभा अध्यक्ष और विपक्ष के बीच का विषय है। सरकार के नुमाइंदे होने के नाते फर्ज बनता है कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में सदन चले।

जूली बोले- स्पीकर के अपमान का मकसद किसी का नहीं था, हम तो मंत्री के शब्द कार्यवाही से हटाने की मांग कर रहे थे

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- सदन चलाना सरकार की पहली जिम्मेदार होती है। जब सरकार के मंत्री ही विपक्ष जैसा बर्ताव करेंगे तो सदन कैसे चलेगा। शुक्रवार को देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर मंत्री ने जिस तरह की टिप्पणी की उसे कार्यवाही से हटा देते तो उसी दिन समाधान हो जाता। हम तो चाहते हैं सदन चले, लेकिन सदन में मंत्री मन में आए वो बोले यह तो नहीं चलने देंगे। हमारे प्रदेशाध्यक्ष सहित छह विधायकों को निलंबित किया गया, इनका मकसद कभी स्पीकर का अपमान करने का नहीं था, वे तो केवल स्पीकर से उन शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आग्रह ही तो कर रहे थे। उस वक्त सदन में शोरगुल था तो तेज आवाज में बोल रहे थे।

विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का धरना जारी है।
विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का धरना जारी है।

इंदिरा गांधी को आपकी दादी कहने से शुरू हुआ विवाद, स्पीकर की टेबल से सटकर आक्रमक इशारे और नारेबाजी से बिगड़ी बात

शुक्रवार को प्रश्नकाल में हुए विवाद से गतिरोध बना। प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि कांग्रेस राज में 2023-24 में आपकी दादी इंदिरा गांधी के नाम से योजना की शुरुआत की। इस पर नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताते हुए इसे सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की। कुछ ही देर बाद गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई कांग्रेस विधायक स्पीकर की टेबल के ठीक सामने पहुंच गए और आक्रामक तरीके से नारेबाजी करने लगे। उसी वक्त स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। कांग्रेसी विधायक उसी समय वैल में आकर धरने पर बैठ गए थे।

उस दिन बीच में तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई, आखिर में डोटाासरा सहित छह विधायकों को स्पीकर के अपमान और हंगामे के कारण सदन में सस्पेंड करने का प्रस्ताव पारित किया गया और फिर सदन की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस विधायक तब से धरने पर हैं।

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