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झुंझुनूं-खेतड़ी : मोड़ी ईलाखर बांध के पास हो रपहा खनन:प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण, ग्रामीण बोले-बांध के अस्तित्व पर हो रहा खतरा


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झुंझुनूं-खेतड़ी : मोड़ी ईलाखर बांध के पास हो रपहा खनन:प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण, ग्रामीण बोले-बांध के अस्तित्व पर हो रहा खतरा

मोड़ी ईलाखर बांध के पास हो रपहा खनन:प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण, ग्रामीण बोले-बांध के अस्तित्व पर हो रहा खतरा

झुंझुनूं-खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के मोड़ी ईलाखर बांध के पास हो रहे खनन को लेकर बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने मौका निरीक्षण किया। इस दौरान तहसीलदार ने जल्द ही चार विभागों की संयुक्त टीम के साथ सीमा ज्ञान कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। तहसीलदार विवेक कटारिया ने बताया कि मोड़ी ईलाखर के ग्रामीणों ने मोड़ी बांध के पास हो रहे खनन को लेकर शिकायत दी कि बांध के पास भारी मात्रा में खनन होने से बांध का अस्तित्व खतरे में आ रहा है।

इसको लेकर एसडीएम जयसिंह चौधरी ने जलदाय विभाग, प्रदूषण विभाग, माइनिंग विभाग व रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। जिसको लेकर वह बांध की पास हो रहे खनन की जांच करने पहुंचे, जहां पॉल्यूशन विभाग निरीक्षण में शामिल नहीं होने के कारण पूरी कार्रवाई नहीं हो पाई है।

उन्होंने बताया कि जल्द ही चारों विभागों की टीम बांध के पास हो रहे खनन को लेकर निरीक्षण करेगी। इस दौरान किसी प्रकार की कोई लापरवाही सामने आई तो प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि मोड़ी ईलाखर बांध हरियाणा से सीमा से सटा हुआ है और यह एक दर्जन गांव की प्यास बुझाता है। पिछले कुछ समय से गोचर भूमि में लीजों का संचालन होने से भारी मात्रा में खनन किया जा रहा है। बांध के पास आए दिन होने वाले खनन से बांध की दीवारों में दरारें आ गए, जिसे बांध का अस्तित्व खतरे में आ गया है।

ग्रामीण रणवीर सिंह ने बताया कि बांध की प्राकृतिक दीवार के पास गहराई से खनन होने से क्षेत्र का जलस्तर भी कम होने लगा है और पहाड़ी खत्म होने से बांध का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। बांध और पहाड़ी चारागाह भूमि में है।

उन्होंने बताया कि बांध मे आने वाले पानी के रास्ते पर क्रेशर लगा हुआ है, जिसकी नियमानुसार जलदाय विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है, लेकिन खनन से जुड़े लोगों ने जलदाय विभाग से इस प्रकार की कोई एनओसी नहीं ली और क्रेशर लगाकर वहां भारी मात्रा में खनन किया जा रहा है। बांध के अस्तित्व को बचाने को लेकर ग्रामीण पिछले काफी समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उच्च अधिकारियों को भी शिकायत कर बांध का अस्तित्व बताने की गुहार लगा चुके है। इस मौके पर तहसीलदार विवेक कटारिया, जलदाय विभाग के एईएन हवा सिंह, माइनिंग विभाग के एमई धर्म सिंह, सुमेर सिंह मान, हरिराम, विनोद, श्रीचंद स्वामी, लालचंद स्वामी, चांदीराम मान, रतन लाल, सुरेंद्र, कृष्ण योगी, रघुवीर, होशियार सिंह, जयनारायण, अमर सिंह सहित अनेक लोग मौजूद थे।

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