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राजस्थान के जिलों में बदलाव का खाका तैयार:13 शहरों को जिला बनाने का प्रस्ताव; विधायकों के सुझाव-छोटे जिलों को खत्म या मर्ज करें


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राजस्थान के जिलों में बदलाव का खाका तैयार:13 शहरों को जिला बनाने का प्रस्ताव; विधायकों के सुझाव-छोटे जिलों को खत्म या मर्ज करें

राजस्थान के जिलों में बदलाव का खाका तैयार:13 शहरों को जिला बनाने का प्रस्ताव; विधायकों के सुझाव-छोटे जिलों को खत्म या मर्ज करें

जयपुर : पिछली कांग्रेस सरकार के समय बने नए जिलों के भविष्य पर जल्द फैसला होने के असार हैं। पूर्व आईएएस ललित के पंवार की अध्यक्षता वाली कमेटी ने नए जिलों को लेकर खाका तैयार कर लिया है। कमेटी 30 अगस्त को रिपोर्ट सौंपने जा रही है।

इस रिपोर्ट में कमेटी गहलोत राज में बने जिलों में बदलाव करने या उन्हें मर्ज करने से लेकर जिले को खत्म करने से जुड़ी सिफारिशें करेगी। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 13 शहरों को नए जिले बनाने का भी प्रस्ताव आया है। इतना ही नहीं विधायकों ने छोटे जिलों को नए जिलों में मर्ज करने का भी सुझाव दिया है।

पंवार कमेटी अपनी सिफारिशों के साथ डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में बनी कैबिनेट सब कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। कैबिनेट सब कमेटी पंवार कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार करेगी। यह रिपोर्ट कैबिनेट में रखी जाएगी और फिर इन पर फैसला होगा।

जिलों की समीक्षा के लिए बनी मंत्रियों की सब कमेटी में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के अलावा चार अन्य मंत्री भी हैं।
जिलों की समीक्षा के लिए बनी मंत्रियों की सब कमेटी में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के अलावा चार अन्य मंत्री भी हैं।

कमेटी को अब तक 35 से ज्यादा विधायकों ने लिखित सुझाव दिए
पंवार कमेटी को अब तक 35 से ज्यादा विधायकों ने लिखित ज्ञापन सौंपकर मौजूदा जिलों में बदलाव करने या नए इलाके जोड़ने घटाने का सुझाव दिया है। बीजेपी विधायकों ने छोटे जिलों को पुराने जिलों में मर्ज करने के सुझाव दिए हैं। जिलों के इलाकों में बदलाव करने के सुझाव भी बड़े पैमाने पर आए हैं। विधायकों के अलावा कई संगठनों ने भी पंवार कमेटी को ज्ञापन देकर सुझाव दिए हैं।

कई इलाकों से नए जिलों की मांग
पंवार कमेटी के पास नए जिलों की मांग के लिए खूब ज्ञापन पहुंच रहे हैं। इनमें प्रदेश के 13 शहरों सहित हर जिले से नए जिलों की मांग की जा रही है। इसके अलावा गहलोत राज के छोटे जिले खत्म करवाने की भी मांग को शामिल किया है।

गहलोत ने 19 के बाद तीन और नए जिलों की घोषणा की थी
तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने 19 नए जिले बनाने के बाद 3 और नए जिलों की घोषणा की थी। गहलोत ने मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन को नया जिला बनाने की घोषणा की थी लेकिन इनका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ था, इसके बाद सरकार बदल गई। ये तीन जिले अस्तित्व में नहीं आए।

ललित के पंवार बोले- दफ्तर खुला है, कोई भी दे सकता है सुझाव
रिटायर्ड आईएएस कमेटी अध्यक्ष ललित के पंवार ने कहा- जनप्रतिनिधियों से लेकर हर स्टेक होल्डर से मिल रहे हैं। जनप्रतिनिधि से लेकर हर नागरिक जिलों को लेकर अपने सुझाव, ज्ञापन दे सकते हैं। सिंचाई भवन के कमरा नंबर 346 में दफ्तर के समय में आकर कोई भी अपने लिखित सुझाव दे सकता है। मैं हर जिले में जा रहा हूं। ज्यादातर जिलों के दौरे पूरे कर लिए हैं। अब रिपोर्ट तैयार होगी।

पंवार हर जिले में जा रहे, जिलों को लेकर लोगों का मन टटोला
ललित के पंवार हर जिले में जाकर आम लोगों और जनप्रतिनिधियों से मिलकर गहलोत राज में बने नए जिलों पर लोगों की राय पूछ रहे हैं। इसके साथ कलेक्टर और प्रशासनिक अफसरों से भी बैठक कर रहे हैं। हर जिले से तथ्यात्मक रिपोर्ट और जिले के मापदंडों पर कितना खरा उतर रहा है, उसका ब्यौरा लिया जा रहा है।

पंवार अब तक गंगापुर सिटी, खैरथल, कोटपूतली, अलवर, सवाई माधोपुर, शाहपुरा, केकड़ी, दूदू, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर, जोधपुर ग्रामीण, अजमेर, ब्यावर जाकर बैठक कर चुके हैं।

अब इन जिलों के दौरे पर जाएंगे पंवार
ललित के पंवार इस सप्ताह से लगातार जिलों में जाएंगे। अब अनूपगढ़, गंगानगर, बीकानेर, नीमकाथाना, डीडवाना, नागौर, सीकर, फलोदी, डीग, भरतपुर, बालोतरा, बाड़मेर, सांचौर, जालोर में जाकर बैठक करेंगे। 17 अगस्त को अनूपगढ़ में अफसरों और आम लोगों से मिलेंगे।

सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र में नहीं दिए थे नए जिलों पर पूछे सवालों के जवाब
गहलोत राज में बने नए जिलों को लेकर बीजेपी सवाल उठाती रही है। गहलोत राज के छोटे जिलों को मर्ज करने के आसार हैं। सरकार कैबिनेट सब कमेटी ​की रिपोर्ट आने तक इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है।

विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने नए जिलों पर पुनर्विचार करने, नए जिलों में कमी करने से जुड़े किसी सवाल का जवाब नहीं दिया था। पंवार कमेटी और कैबिनेट सब कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही सरकार इस पर रुख साफ करेगी, इसलिए विधानसभा में भी जवाब नहीं दिया।

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