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बबाई में बन रहा संभाग का सबसे बड़ा रीको एरिया, टाइल्स-ग्लास इंडस्ट्रीज डवलप होंगी


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बबाई में बन रहा संभाग का सबसे बड़ा रीको एरिया, टाइल्स-ग्लास इंडस्ट्रीज डवलप होंगी

बबाई में बन रहा संभाग का सबसे बड़ा रीको एरिया, टाइल्स-ग्लास इंडस्ट्रीज डवलप होंगी

बबाई (नीमकाथाना) : नीमकाथाना से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के पास बबाई में भिवाड़ी की तर्ज पर सीकर संभाग का सबसे बड़ा रीको एरिया डवलप किया जा रहा है। 147 हैक्टेयर एरिया में रिको एरिया पर डवलपमेंट पर 8 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे नीमकाथाना में इंडस्ट्रीय डवलपमेंट की शुरुआत होगी।

चूंकि बबाई पहले झुंझुनूं जिले का हिस्सा था। लेकिन अब नवगठित नीमकाथाना जिले में शामिल किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जून में बबाई रीको एरिया का वर्चुअल शिलान्यास कर चुके हैं। नीमकाथाना में पहले से रिको एरिया है। झुंझुनूं जिले का इंडस्ट्रियल एरिया भी अब नीमकाथाना में शामिल हो गया है। सरकार की पहल पर कई बड़ी कंपनियां आएंगी। दिल्ली-नीमकाथाना मुंबई कॉरिडोर और एनसीआर के नजदीक होने से यह एरिया जल्द डवलप होगा। दूसरी सबसे बड़ी वजह माइंस जोन होने के कारण कच्चे माल की कम कीमत पर आपूर्ति होना है। इसी तरह बबाई में सरस दूध डेयरी से भी रीको एरिया के डवलपमेंट में मदद मिलेगी।

एक्सपर्ट बता रहे हैं इस तरह होगा डवलपमेंट

औद्योगिक क्षेत्र : नीमकाथाना उद्योग विकास समिति अध्यक्ष दौलतराम गोयल बताते हैं कि सिरेमिक, टाइल्स व ग्लास इंडस्ट्री लग सकती है। क्योंकि इसके लिए कच्चा माल उपलब्ध है। फिलहाल नीमकाथाना क्षेत्र में डोलोमाइट, फेल्सपार, क्वार्स, सिलिका सेंड, क्ले, लाइम स्टोन सहित कई मिनरल्स है। हार्डवेयर, हेडीक्राफ्ट, सीमेंट वेस्ट से जुड़ी इंडस्ट्रीज लगेगी।

रियल एस्टेट : औद्योगिक क्षेत्र डवलप होने से आसपास के गांवों की जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। क्योंकि आसपास में मार्केट व अन्य सुविधाएं डवलप होने से विकास को गति मिलेगी। बबाई के आसपास क्षेत्र में निजी खातेदारी की जमीन है। भावों में तेजी का ग्रामीणों को फायदा मिलेगा। लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की भी पूरी संभावना है।

एजुकेशन : इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट होने और बाहर के लोग आने से एजुकेशन फिल्ड डवलप होगा। फिलहाल नीमकाथाना व बबाई में सरकारी कॉलेज है। लेकिन निजी स्तर पर बड़े इंस्टीट्यूट नहीं हैं। टेक्नीकल एक्सपर्ट की डिमांड बढ़ने पर यहां रिसर्च एजुकेशन सेंटर डवलप होंगे। ताकि यहां से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट मिल सके।

खेतड़ी-नीमकाथाना माइनिंग का सेंट्रल प्वाइंट है बबाई, इसलिए जल्द बनेगा रीको

सरकार ने शेखावाटी क्षेत्र में बड़े औद्योगिक विकास के लिए बबाई में रीको एरिया के लिए जगह तय की। क्योंकि जगह फ्रेट कॉरिडोर के नजदीक होने के साथ ही बड़े माइनिंग जोन के सेंट्रल प्वाइंट पर है। शाहपुरा-राजगढ़ स्टेट हाई-वे 13 पर 147 हैक्टेयर में यह डवलप होगा। चूंकि बबाई 16 किमी खेतड़ी, 19 किमी नीमकाथाना और हरियाणा बॉर्डर 34 किमी है। इसके साथ ही उदयपुरवाटी 40 और झुंझुनूं 56 किमी है। यानी 60 किमी के दायरे में कई बड़े सेंटर आ रहे हैं। जिससे यहां औद्योगिक विकास काफी तेजी से होने की संभावना है। दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर में नीमकाथाना के नजदीक 115 किमी दूर रेवाड़ी में लोडिंग-अनलोडिंग प्वाइंट होने का उद्योगों को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। क्योंकि बबाई से तैयार होने वाला माल इन प्वाइंट से ट्रेन में लोड हो सकेगा।

रीको एरिया के पास है 850 बीघा है सरकारी जमीन : रिको एरिया के पास प्रशासनिक स्तर व्यवस्थाएं डवलप हो सकेंगी। रीको के नजदीक ही 850 बीघा सरकारी जमीन है। ऐसे में स्कूल-कॉलेज सहित अन्य सुविधाएं डवलप हो सकेंगी। 16 हजार की आबादी वाला बबाई उपतहसील है। लोगों को रोजगार मिलेगा।

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