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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती आज


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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती आज

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती आज

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारत के एक महान वैज्ञानिक, शिक्षक और 11वें राष्ट्रपति थे। उनका पूरा नाम डॉ. अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था। देश के विज्ञान, तकनीकी और प्रगति में उनके अद्वितीय योगदान के कारण उन्हें पूरा देश बेहद सम्मान के साथ याद करता है। इसे हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। देश के युवाओं और छात्रों के प्रति उनके अगाध प्रेम और समर्पण के कारण संयुक्त राष्ट्र (UN) ने साल 2010 में उनके 79वें जन्मदिन पर इस दिन को ‘विश्व छात्र दिवस’ (World Students’ Day) के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

डॉ. अब्दुल कलाम कौन और क्या थे?

मिसाइल मैन (Missile Man): डॉ. कलाम को भारत का ‘मिसाइल मैन’ कहा जाता है। उन्होंने भारत के लिए अग्नि और पृथ्वी जैसी शक्तिशाली मिसाइलों का विकास किया।

महान वैज्ञानिक: उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नेतृत्व किया। साल 1998 के पोखरण-2 परमाणु परीक्षण को सफल बनाने में उनकी मुख्य भूमिका थी।

भारत के 11वें राष्ट्रपति: वे साल 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। अपनी सादगी और मिलनसार स्वभाव के कारण उन्हें ‘जनता के राष्ट्रपति’ (People’s President) के नाम से जाना गया।

शिक्षक और लेखक: राष्ट्रपति पद से हटने के बाद उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाया और युवाओं को प्रेरित करने वाली कई किताबें लिखीं, जैसे ‘इग्नाइटेड माइंड्स’ (Ignited Minds) और उनकी आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ (Wings of Fire)।

उनकी जयंती कब है?

डॉ. अब्दुल कलाम की जयंती हर साल 15 अक्टूबर को मनाई जाती है। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था।

महत्व

1 विश्व छात्र दिवस (World Students’ Day): डॉ. कलाम को बच्चों और युवाओं से गहरा लगाव था। उनके इस प्रेम और शिक्षा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) ने साल 2010 में उनके जन्मदिन (15 अक्टूबर) को ‘विश्व छात्र दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की।

2 सपनों को सच करने की प्रेरणा: डॉ. कलाम का जीवन इस बात का प्रतीक है कि एक साधारण परिवार में जन्म लेकर भी कड़ी मेहनत, ईमानदारी और बड़े सपनों के दम पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचा जा सकता है। उनका प्रसिद्ध विचार है—”सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।”

3 वैज्ञानिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता: उनकी जयंती हमें याद दिलाती है कि कैसे उन्होंने भारत को रक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति बनाया।

4 सादगी और उच्च विचारों का प्रतीक: डॉ. कलाम देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित थे, फिर भी उनका जीवन बेहद साधारण था। उनका जीवन आज के नेताओं और नागरिकों के लिए ईमानदारी और सेवाभाव की सबसे बड़ी सीख है।

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