बिसाऊ की ऐतिहासिक मूक रामलीला में लक्ष्मण ने काटे सूर्पणखा के नाक-कान
बहन के अपमान से क्रोधित रावण ने भेजी राक्षस सेना, श्रीराम-लक्ष्मण ने किया संहार
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : लतीफ खान
बिसाऊ : कस्बे की ऐतिहासिक मूक रामलीला के चौथे दिन सूर्पणखा के नाक-कान काटने का प्रसंग प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से रामायण की इस महत्वपूर्ण घटना को जीवंत कर दिया। लीला देखने के लिए दर्शक मौजूद रहे।
प्रसंग के अनुसार, रावण की बहन सूर्पणखा सुंदर वेश धारण कर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के पास पहुंची। दोनों भाइयों से विवाह की इच्छा जताने पर जब वह नहीं मानी, तो लक्ष्मण ने उसके नाक-कान काट दिए। अपमानित सूर्पणखा अपने भाई रावण के पास पहुंची और पूरी घटना बताई।

बहन के अपमान से क्रोधित रावण ने श्रीराम और लक्ष्मण को मारने के लिए राक्षस सेना भेजी। इसके बाद श्रीराम और लक्ष्मण ने युद्ध में राक्षसों का संहार कर दिया।
राम-रावण युद्ध की कथा की ओर बढ़ी लीला
सूर्पणखा का प्रसंग रामायण की कथा में महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। यही घटना आगे चलकर श्रीराम और रावण के बीच होने वाले युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार करती है। बिसाऊ की मूक रामलीला में विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को धर्म-अधर्म के संघर्ष और मर्यादा की कथा से परिचित कराया जा रहा है।
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