‘सही खान-पान—स्वस्थ राजस्थान’ अभियान 3 से 16 अक्टूबर तक
‘सही खान-पान—स्वस्थ राजस्थान’ अभियान 3 से 16 अक्टूबर तक
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : आमजन को सुरक्षित, पौष्टिक और स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करने के लिए जिले में ‘सही खान-पान—स्वस्थ राजस्थान’ अभियान 3 से 16 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में होने वाले अभियान का संदेश ‘सुरक्षित खाएं-स्वस्थ रहें-स्थानीय खाएं-मिलावट को हराएं’ रहेगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता गतिविधियां होंगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और चलित खाद्य जांच प्रयोगशालाओं की मदद से आमजन को सुरक्षित खान-पान की जानकारी दी जाएगी।
स्कूलों में स्वस्थ भोजन की जानकारी:
3 और 5 अक्टूबर को विद्यालयों में विद्यार्थियों को पौष्टिक नाश्ता, स्वस्थ टिफिन, श्रीअन्न, हाथ धोने के सही तरीके और खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ने की जानकारी दी जाएगी। पोस्टर, नारा और निबंध प्रतियोगिताओं के साथ ‘मास्टर/मिस ईट राइट’ जैसी गतिविधियां भी होंगी।
मिलावट की मौके पर जांच:
6 और 7 अक्टूबर को दूध, घी, तेल, मसाले और मिठाइयों सहित खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचानने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। चलित खाद्य जांच प्रयोगशाला के माध्यम से आमजन द्वारा लाए गए नमूनों की मौके पर जांच भी की जाएगी।
स्वस्थ थाली और खाद्य लेबल:
8 और 9 अक्टूबर को स्वस्थ राजस्थानी थाली का संदेश देते हुए कम नमक, कम चीनी और कम तेल के सेवन के साथ फल, सब्जियां, दाल, दूध-दही और श्रीअन्न को भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 11 और 12 अक्टूबर को पैकेटबंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले लाइसेंस या पंजीकरण संख्या, निर्माण व पैकिंग तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी देखने के लिए जागरूक किया जाएगा।
कॉलेज और अस्पतालों में जागरूकता:
13 और 14 अक्टूबर को कॉलेजों एवं अस्पतालों में कैंटीन की स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, खाद्य पदार्थ तैयार करने वालों के प्रशिक्षण, पौष्टिक भोजन और भोजन की बर्बादी रोकने पर गतिविधियां होंगी।
भोजन की बर्बादी रोकने का संदेश:
15 और 16 अक्टूबर को होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, छात्रावास, विवाह स्थलों, भोजन उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों और ठेला संचालकों को भोजन की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस दौरान ‘उतना ही लें थाली में, जितना व्यर्थ न जाए नाली में’ का संदेश दिया जाएगा।
अभियान के दौरान लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ भी दिलाई जाएगी। इसमें खाद्य लेबल पढ़ने, नमक-तेल-चीनी का कम उपयोग करने, सप्ताह में कम से कम तीन दिन श्रीअन्न का सेवन करने, प्रतिदिन 30 मिनट योग या व्यायाम करने और भोजन व्यर्थ नहीं करने का संकल्प शामिल होगा।
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