20 फीट ऊंची दीवार, करंट और कैमरों वाला ठिकाना… फिर भी पुलिस ने दबोचा शूटर
ज्वेलर जतिन सोनी हत्याकांड में पांच दोषियों को उम्रकैद, एक आरोपी बरी; एक आईडी कार्ड से शुरू हुई छह साल की जांच
झुंझुनूं : न्यू प्रकाश ज्वेलर्स के ज्वेलर जतिन सोनी की हत्या और लूट के मामले में करीब सात साल बाद अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलिस की लंबी जांच में एक आईडी कार्ड से शुरू हुई कड़ियां हरियाणा, गुजरात और बीकानेर तक पहुंचीं। पुलिस के अनुसार आरोपियों तक पहुंचने के दौरान हरियाणा में एक ऐसा ठिकाना मिला, जहां करीब 20 फीट ऊंची दीवारें, तारों की फेंसिंग, बिजली का करंट और निगरानी कैमरे लगे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी वहां से निकल चुके थे।
पुलिस ने कई दिन तक ठिकाने पर निगरानी रखी और आरोपी के वापस आने का इंतजार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के भाई के माध्यम से संदेश भेजकर शूटर दीपक पहल को वापस बुलाया गया और ठिकाने पर पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पूछताछ से मामले में शामिल अन्य आरोपियों की कड़ियां जुड़ती गईं।
दुकान से ज्वेलरी लूटकर भागते समय मारी गोली
15 सितंबर 2019 को दोपहर करीब 2:37 बजे माननगर स्थित न्यू प्रकाश ज्वेलर्स पर बाइक और सफेद बोलेरो से हथियारबंद बदमाश पहुंचे थे। उस समय शोरूम में ज्वेलर संदीप सोनी के भाई बाईसराम उर्फ जतिन सोनी और कर्मचारी नवीन मौजूद थे। बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर ज्वेलरी बैग में भरने को कहा। विरोध करने पर धमकी दी और जतिन के गले से चेन भी उतरवा ली।
पुलिस के अनुसार बदमाशों के ज्वेलरी समेटने के दौरान जतिन ने बाहर निकलने का प्रयास किया। बदमाशों ने उनका पीछा कर सड़क पर गोली मार दी। इसके बाद लाखों रुपए की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। गंभीर हालत में जतिन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 9 अक्टूबर 2019 को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
पुलिस के पास शुरुआत में सिर्फ एक आईडी कार्ड था
सिटी डीएसपी गोपाल सिंह ढाका के अनुसार वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी की पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। बदमाश मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे। पुलिस के पास सबसे अहम सुराग वह आईडी कार्ड था, जो वारदात के दौरान आरोपी योगेश चारणवासी ने ज्वेलर को दिया था।
दिसंबर 2019 तक योगेश पुलिस की पकड़ से बाहर था। इसी दौरान मुकुंदगढ़ के एक होटल से पुलिस को शूटर दीपक पहल के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद दीपक की तलाश शुरू हुई और पुलिस हरियाणा तक पहुंची।
हाई सिक्योरिटी ठिकाने से आरोपी निकल चुके थे
पुलिस के अनुसार हरियाणा में जिस मकान तक टीम पहुंची, वहां चारों ओर करीब 20 फीट ऊंची दीवारें थीं। दीवारों पर तारों की फेंसिंग और बिजली का करंट था तथा परिसर में निगरानी कैमरे लगे थे। पुलिस के पहुंचने तक आरोपी वहां से निकल चुके थे।
पुलिस ने ठिकाने पर निगरानी जारी रखी। टीम ने आरोपी के भाई को हिरासत में लेकर उसके माध्यम से शूटर दीपक तक संदेश पहुंचाया। कुछ दिन बाद दीपक वहां लौटा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद विनोद कुमार सहित अन्य आरोपियों के नाम सामने आए।
एक-एक कड़ी से सामने आई पूरी टीम
पुलिस जांच में योगेश और दीपक के बीच पहले से परिचय होने की बात सामने आई। इसके बाद मुकुंदगढ़ होटल से मिली जानकारी के आधार पर प्रताप सिंह तक पुलिस पहुंची। वारदात में वाहन उपलब्ध कराने वाले अंकित कुमार उर्फ मीठू की भूमिका भी जांच में सामने आई।
इस बीच मुख्य आरोपी योगेश गुजरात के वापी में छिपा मिला, लेकिन पुलिस के पहुंचने से एक दिन पहले वहां से निकल चुका था। पुलिस को उसके बीकानेर में अपनी परिचित युवती के पास पहुंचने की जानकारी मिली। निगरानी के बाद योगेश के वहां पहुंचते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे फरवरी 2020 में बीकानेर से पकड़ा गया।
पांच दोषियों को उम्रकैद, एक आरोपी बरी
जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत पहुंचा। 30 सितंबर 2026 को अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2 कालूराम ने न्यू प्रकाश ज्वेलर्स डकैती एवं जतिन सोनी हत्याकांड में दीपक पहल, योगेश कुमार, विनोद कुमार, अंकित कुमार उर्फ मीठू और प्रताप सिंह को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं प्रमोद कुमार उर्फ धोलिया को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।





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