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झुंझुनूं में वामपंथियों ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध-प्रदर्शन:माकपा जिला सचिव बोले- CEC निष्पक्ष चुनाव कराने के बदले लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहे


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

झुंझुनूं में वामपंथियों ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध-प्रदर्शन:माकपा जिला सचिव बोले- CEC निष्पक्ष चुनाव कराने के बदले लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहे

झुंझुनूं में वामपंथियों ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध-प्रदर्शन:माकपा जिला सचिव बोले- CEC निष्पक्ष चुनाव कराने के बदले लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहे

झुंझुनूं : झुंझुनूं में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की भूमिका के खिलाफ शुक्रवार को संयुक्त वामपंथी पार्टियों ने विरोध प्रदर्शन किया। 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहे देशव्यापी विरोध सप्ताह के तहत माकपा, सीपीआई और अन्य वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता शिक्षक भवन से पैदल मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की।

शिक्षक भवन से कलेक्ट्रेट तक नारेबाजी

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत शिक्षक भवन से हुई। हाथों में लाल झंडे और तख्तियां लेकर वामपंथी कार्यकर्ता पैदल कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। रास्ते में कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ जैसे नारे लगाए गए। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया।

कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया।
कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठना चिंता की बात

पुतला दहन के बाद कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध सभा हुई। इसमें वामपंथी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा- चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से लोगों का भरोसा बना रहना जरूरी है। यदि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है।

वामपंथी नेता महिपाल पूनिया ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम करने के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को निष्पक्ष संवैधानिक पद पर नहीं रहना चाहिए। पूनिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की।

लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख बचाना जरूरी

माकपा के जिला सचिव ने कहा- 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सभी वामपंथी पार्टियां देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। इसी के विरोध में पुतला दहन किया गया।

बर्खास्त की मांग

किसान नेता रामचंद्र कुल्हरि ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यों से चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने की मांग की।

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