गेहूं के समर्थन मूल्य में 150 रुपए बढ़ोतरी की मांग, किसान संघ ने जताई नाराजगी
25 रुपए की बढ़ोतरी को बताया अपर्याप्त, समर्थन मूल्य की दोबारा समीक्षा की मांग
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : भारतीय किसान संघ ने केंद्र सरकार की ओर से रबी फसलों के घोषित समर्थन मूल्य में गेहूं के भाव में की गई 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई है। संघ के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह सूडा ने कहा कि खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए यह बढ़ोतरी किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है।
सूडा ने कहा कि खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई, मजदूरी और कृषि उपकरण सहित खेती से जुड़े खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में गेहूं के समर्थन मूल्य में केवल 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किसानों की बढ़ती लागत के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि समर्थन मूल्य तय करने वाली एजेंसी के आकलन में पिछले वर्ष की तुलना में किसानों की लागत में केवल 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कैसे हुई।
समर्थन मूल्य की पुनः समीक्षा की मांग
भारतीय किसान संघ ने केंद्र सरकार से गेहूं के समर्थन मूल्य की दोबारा समीक्षा करने की मांग की है। जिलाध्यक्ष सूडा ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। संघ ने गेहूं के समर्थन मूल्य में कम से कम 150 रुपए प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बढ़ोतरी की मांग रखी है।
सरसों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का स्वागत
किसान संघ ने सरसों के समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी का स्वागत किया है। संगठन ने इसे किसानों के हित में सकारात्मक कदम बताया, हालांकि गेहूं के समर्थन मूल्य में 25 रुपए की बढ़ोतरी को लेकर असंतोष जताया।
सूडा ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। फसलों का समर्थन मूल्य तय करते समय किसानों की लागत और मेहनत को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से गेहूं के समर्थन मूल्य पर पुनर्विचार कर किसानों के हित में निर्णय लेने की मांग की।
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