महरोली सीएचसी में डॉक्टर नहीं होने से इलाज में देरी:बुजुर्ग की मौत, ग्रामीणों ने 8 घंटे दिया धरना; तहसीलदार के आश्वासन पर हुआ खत्म
महरोली सीएचसी में डॉक्टर नहीं होने से इलाज में देरी:बुजुर्ग की मौत, ग्रामीणों ने 8 घंटे दिया धरना; तहसीलदार के आश्वासन पर हुआ खत्म
रींगस : रींगस के महरोली गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और मॉर्च्युरी की मांग को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने करीब 8 घंटे तक प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर धरना दिया। जानकारी के अनुसार महरोली निवासी बाबूलाल घोड़ीवाल(70) की तबीयत शुक्रवार रात अचानक बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें रात को ही सीएचसी महरोली लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इसके बाद परिजन उन्हें रींगस के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीएचसी के बाहर जमा हुए ग्रामीण, शव रखकर धरना
बाबूलाल की मौत से नाराज परिजन और महरोली के लोग अगले दिन शनिवार को सीएचसी महरोली के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर सीएचसी में रात के समय डॉक्टर व स्टाफ की ड्यूटी लगाने और सीएचसी में मोर्चरी बनाने की मांग की।
तहसीलदार के आश्वासन के बाद टूटा समाप्त
सूचना मिलने पर रींगस पुलिस और तहसीलदार राकेश पूनियां मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने ग्रामीणों को मांगें पूरी करने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद 8 घंटे बाद धरना समाप्त हुआ। धरना खत्म होने के बाद बाबूलाल का पोस्टमार्टम रींगस के उप जिला अस्पताल में करवाया गया। इस दौरान उप सरपंच जितेंद्र सिंह शेखावत (जीतू) ने मृतक के परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी।
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