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झुंझुनूं में कांग्रेस का बोर्ड, अब्दुल्ला अगवान सभापति बने:अगवान को मिले 35 वोट; भाजपा के मनु धनखड़ को 10 वोट से हराया


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झुंझुनूं में कांग्रेस का बोर्ड, अब्दुल्ला अगवान सभापति बने:अगवान को मिले 35 वोट; भाजपा के मनु धनखड़ को 10 वोट से हराया

झुंझुनूं में कांग्रेस का बोर्ड, अब्दुल्ला अगवान सभापति बने:अगवान को मिले 35 वोट; भाजपा के मनु धनखड़ को 10 वोट से हराया

झुंझुनूं : झुंझुनू नगर परिषद में कांग्रेस ने सभापति पद का चुनाव जीतकर बोर्ड बना लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला अगवान ने भाजपा प्रत्याशी मनु धनखड़ को 10 वोटों से हराया। अगवान को 35 वोट मिले, जबकि धनखड़ के पक्ष में 25 वोट पड़े। 60 सदस्यीय नगर परिषद में कांग्रेस के 30 पार्षद थे और बहुमत के लिए 31 वोट जरूरी थे।

ऐसे में कांग्रेस को बहुमत के लिए सिर्फ एक अतिरिक्त वोट की जरूरत थी, जबकि भाजपा को जीत के लिए 16 अतिरिक्त वोट जुटाने थे। चुनाव में कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की एकजुटता निर्णायक रही। जीत की घोषणा के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न शुरू हो गया और अब्दुल्ला अगवान ने विक्ट्री का निशान बनाकर जीत का जश्न मनाया।

अब्दुल्ला अगवान की जीत पर कांग्रेस समर्थकों में जश्न, उमड़ी भीड़

झुंझुनूं नगर परिषद सभापति पद पर कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला अगवान की जीत का ऐलान होते ही समर्थकों में खुशी का माहौल हो गया। नगर परिषद के बाहर कांग्रेस समर्थकों की भीड़ जुट गई। जीत की खबर मिलते ही लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और जश्न मनाया।ढोल-नगाड़ों की थाप पर समर्थक झूमते नजर आए और नारेबाजी की। अब्दुल्ला अगवान ने विक्ट्री का निशान बनाकर समर्थकों का अभिवादन किया। जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया।

कांग्रेस के अब्दुल्ला अगवान बने सभापति

नगर परिषद सभापति पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला अगवान ने भाजपा प्रत्याशी मनु धनखड़ को 10 वोटों के अंतर से हरा दिया। मतगणना में अब्दुल्ला अगवान को 35 वोट मिले, जबकि मनु धनखड़ को 25 वोट मिले। जीत का ऐलान होते ही कांग्रेस खेमे में जश्न शुरू हो गया। अब्दुल्ला अगवान ने विक्ट्री का निशान बनाकर जीत का जश्न मनाया। कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की एकजुटता इस जीत में निर्णायक रही। इस जीत के साथ झुंझुनू नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बन गया है।

जीत के बाद बोले अगवान—काम जमीन पर दिखाई देगा

सभापति चुने जाने के बाद अब्दुल्ला अगवान ने शहर के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि टूटी सड़कों और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान उनकी प्राथमिकता रहेगी। उनका कहना है कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

सफाई व्यवस्था को लेकर अगवान ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर करना जरूरी है। चैंबर, नालियों और जलभराव से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों को साथ लेकर काम किया जाएगा।

बोले—पूरा शहर हमारा, भेदभाव नहीं करेंगे

अब्दुल्ला अगवान ने कहा कि 60 वार्डों के सभी पार्षदों के साथ मिलकर काम करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पूरा झुंझुनूं शहर उनका है और विकास कार्यों में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा। वार्डों की जरूरत के अनुसार विकास कार्य करवाने का प्रयास किया जाएगा और समान विकास पर जोर रहेगा।

निर्दलीय पार्षद हरीश तुलस्यान का इंतजार, अब तक 59 वोट पड़े

झुंझुनू नगर परिषद सभापति पद के मतदान में वार्ड 50 से निर्वाचित निर्दलीय पार्षद हरीश तुलस्यान अभी तक मतदान के लिए नहीं पहुंचे हैं। कांग्रेस और भाजपा के सभी पार्षद अपना-अपना वोट देकर बाहर निकल चुके हैं। अब सभी की निगाहें हरीश तुलस्यान पर टिकी हैं और उनका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। अब तक कुल 59 वोट पड़ चुके हैं।

बगड़ नगर पालिका में कांग्रेस के राकेश शर्मा ने मारी बाजी

झुंझुनू जिले की बगड़ नगर पालिका में अध्यक्ष पद का फैसला रोमांचक मोड़ पर आकर लॉटरी से हुआ। कुल 20 सीटों वाली इस पालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों को बराबर 10-10 वोट मिले। बराबरी की स्थिति बनने पर लॉटरी का सहारा लिया गया। लॉटरी में कांग्रेस के राकेश शर्मा का नाम निकला और वे बगड़ नगर पालिका के अध्यक्ष बन गए। इस जीत से कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। बगड़ में कांग्रेस की यह जीत पार्टी के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

डूंडलोद पालिका में भाजपा का बोर्ड, सचिन सैनी बने अध्यक्ष

झुंझुनू जिले के डूंडलोद पालिका में भाजपा ने बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की। अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के सचिन सैनी को 11 और कांग्रेस के मनफूल को 9 वोट मिले। सचिन सैनी ने कांग्रेस के मनफूल को हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। गौरतलब है कि 20 पार्षदों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस को 8, भाजपा को केवल 2 और निर्दलीय को 10 सीटें मिली थीं। भाजपा ने निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल कर डूंडलोद में अपना बोर्ड बनाने में कामयाबी पाई।

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