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251 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली:जीण माता की पूजा-अर्चना, 22 सितंबर को होगी प्राण प्रतिष्ठा


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251 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली:जीण माता की पूजा-अर्चना, 22 सितंबर को होगी प्राण प्रतिष्ठा

251 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली:जीण माता की पूजा-अर्चना, 22 सितंबर को होगी प्राण प्रतिष्ठा

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के जसरापुर क्षेत्र के चरण सिंह नगर में नवनिर्मित जीण माता मंदिर में चार दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार को शुरू हुआ। पुजारी प्रह्लाद शर्मा के सानिध्य में ग्रामवासियों के सहयोग से 251 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। सुबह शास्त्री धर्मवीर शर्मा ने जीण माता की मूर्ति की पूजा-अर्चना करवाई।

मुख्य यजमान हरिचंद और हवाकोरी देवी, सभाचंद और भागोती देवी, राजेंद्र और सुशीला देवी, राजवीर और तारामणि, दलीप और उर्मिला देवी, विजय और सुभीता देवी और खेताराम और रोशनी देवी ने भी पूजा-अर्चना की।

251 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली

पूजा-अर्चना के बाद जीण माता की मूर्ति को वाहन में विराजित कर कलश यात्रा के साथ नगर भ्रमण करवाया गया। यह यात्रा जीण माता मंदिर से शुरू होकर दादरवालों की ढाणी, अंजी की ढाणी, स्योरणो की ढाणी और भोमिया मंदिर होते हुए वापस जीण माता मंदिर परिसर पहुंची। कलश यात्रा ने करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय की। रास्ते में ग्रामीणों ने जगह-जगह फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया।

करीब 5 किलोमीटर चलकर जीण माता मंदिर पहुंची

कलश यात्रा में महिलाओं ने डीजे के साथ भजन-कीर्तन करते हुए उत्साह से भाग लिया। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

करण सिंह बड़सरा और विजेंद्र सूरा ने बताया कि चार दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन हवन और यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। तीसरे दिन अन्नाधिवास, शैयाधिवास, जलाधिवास, फलाधिवास और पुष्पाधिवास जैसी धार्मिक रस्में पूरी की जाएंगी। 22 सितंबर को जीण माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी और महाआरती की जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा जाएगा।

हवन-यज्ञ और पूजन

इस अवसर पर देवाराम खाखील, भागीरथ मल सुरा, फूलचंद खाखील, बजरंगलाल दादरवाल, ख्याली राम खाखील, पोकरमल, सुभाषचंद्र, राजेंद्र, रणसिंह, सुमेर, रामस्वरूप, डॉ. रामेश्वर लाल, विजय सिंह, दाताराम, रामदेव सुरा, दलीप खाखील, राजवीर बड़सरा, सुनील कड़वासरा, उमेद सिंह, गुलझारी, भारती देवी, सुनीता देवी, पूजा देवी, सुमित्रा देवी, मुकेश देवी, सरोज देवी, शारदा देवी, गुड्डी देवी, बसंती देवी, उजाला कुमारी, अनिता कुमारी, उर्मिला देवी, संतोष देवी, मीना देवी, संपत देवी, सोनू देवी, प्रियंका देवी, किरण देवी, ज्योति देवी सहित सैकड़ों महिलाएं और अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

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