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NSS के तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन:छात्रों को व्यक्तित्व विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश


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NSS के तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन:छात्रों को व्यक्तित्व विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

NSS के तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन:छात्रों को व्यक्तित्व विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

नीमकाथाना : नीमकाथाना के सेठ नंदकिशोर पटवारी राजकीय कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन हुआ। ये कार्यक्रम NSS की चारों इकाइयों ने मिलकर आयोजित किया था। प्राचार्य डॉ.संतोष कुमार वर्मा ने इसकी अध्यक्षता की। उन्होंने छात्रों से समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

कार्यक्रम में डॉ. हेमेन्द्र सिंह राठौड़ ने ‘व्यक्तित्व विकास और नैतिक शिक्षा’ पर बात की। उन्होंने संप्रेषण कौशल, लक्ष्य तय करना, समय का पालन, अनुशासन और संस्कारों को व्यक्तित्व के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि छात्रों में सामाजिक चेतना, लीडरशिप और जिम्मेदारी की भावना जगाना भी है।

स्वच्छता पखवाड़े की जानकारी दी NSS संयोजक प्रो. अनिल कुमार शर्मा ने स्वयंसेवकों को स्वच्छता पखवाड़े की जानकारी दी। उन्होंने ‘स्वच्छता ही सेवा है’ का संदेश देते हुए छात्रों को स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम अधिकारी प्रो. दिव्या मीणा ने राजस्थान और भारत सरकार की कई जन कल्याणकारी योजनाओं और छात्रवृत्तियों के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों से योग्य योजनाओं के लिए आवेदन करने और जरूरतमंदों तक यह जानकारी पहुंचाने की अपील की।

डिजिटल युग में छात्रों का जागरूक होना जरूरी डॉ. आशीष कुमार शर्मा ने ‘डिजिटल साक्षरता’ पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में छात्रों का तकनीकी रूप से जागरूक और सक्षम होना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत डिजिटल साक्षरता का महत्व समझाया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सलाह दी।

डॉ. अनूप कुमार ने ‘पर्यावरण संरक्षण’ पर बात की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने पर्यावरण बचाने और जैविक कचरा प्रबंधन के महत्व को समझाते हुए छात्रों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के आखिर में सभी मेहमानों और प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न दिए गए।

कार्यक्रम अधिकारी प्रो. वीरेन्द्र चान्देला ने धन्यवाद दिया। इसके बाद NSS के तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई। इस मौके पर चारों इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार सोनी और अन्य फैकल्टी सदस्य व स्वयंसेवक मौजूद थे।

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