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राजकीय सम्मान के साथ जवान मुकेश की अंत्येष्टि


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राजकीय सम्मान के साथ जवान मुकेश की अंत्येष्टि

पुलिस जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर, पिता को सौंपा तिरंगा; अस्पताल से गांव तक 14 किमी निकली तिरंगा यात्रा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

अजीतगढ़ : अरुणाचल प्रदेश में जीआरईएफ के तकनीकी विभाग में कार्यरत अजीतगढ़ क्षेत्र के जवान मुकेश कुमार जाट का गुरुवार को पैतृक गांव ढाणी हनुमान सागर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान का शव बटालियन से करीब दो किलोमीटर दूर वन क्षेत्र में मिला था। शव अजीतगढ़ पहुंचने के बाद उप जिला अस्पताल से पैतृक गांव तक करीब 14 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई।

सिहोडी ग्राम पंचायत की ढाणी हनुमान सागर निवासी मुकेश कुमार 5 सितंबर को छुट्टी लेकर गांव आने के लिए बटालियन से रवाना हुए थे। उन्होंने अपने बड़े भाई को फोन पर ट्रेन में बैठने और गांव आने की जानकारी दी थी। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों और सेना की ओर से तलाश शुरू की गई, लेकिन उनका पता नहीं चला। 7 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश के कोलोरियांग थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

मंगलवार को सेना की ओर से परिजनों को जवान का शव बटालियन से करीब दो किलोमीटर दूर वन क्षेत्र में मिलने की सूचना दी गई। परिजनों के अनुसार शव की स्थिति ऐसी थी कि पहचान करना मुश्किल था। सेना की ओर से बैग और कपड़ों के आधार पर पहचान की गई। बुधवार देर रात शव अजीतगढ़ पहुंचा।

गुरुवार को तिरंगा यात्रा के बाद पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बड़े भाई सुभाष कुमार ने मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने जवान के पिता बहादुर सिंह को तिरंगा सौंपा। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।

मौत की वजह को लेकर जांच का इंतजार

जवान की मौत की परिस्थितियों को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। परिजनों के अनुसार जवान का मोबाइल अभी नहीं मिला है। वहीं, सामने आया है कि 5 और 6 सितंबर को उसके बैंक खाते से क्रमश: 5 हजार और 4 हजार रुपए निकाले गए। इन परिस्थितियों को लेकर परिजन जांच की मांग कर रहे हैं। जवान की मौत की वास्तविक वजह क्या रही, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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