निर्दलीय महिला प्रत्याशी को मिला सिर्फ 1 वोट:पति ने बताया- भाजपा को दिया समर्थन, दो अन्य निर्दलीय को नहीं मिला 1 भी वोट
निर्दलीय महिला प्रत्याशी को मिला सिर्फ 1 वोट:पति ने बताया- भाजपा को दिया समर्थन, दो अन्य निर्दलीय को नहीं मिला 1 भी वोट
चूरू : चूरू नगर निकाय चुनाव के नतीजों में शहर के वार्ड 23 का परिणाम खासा चर्चा में है। यहां भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के अलावा तीन निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से दो निर्दलीय प्रत्याशियों को एक भी वोट नहीं मिला, जबकि निर्दलीय महिला प्रत्याशी निकीता पांडे के खाते में सिर्फ एक वोट आया। खास बात यह है कि निकीता के पति उमेश शर्मा का कहना है कि मतदान के दिन उन्होंने पत्नी के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया था। ऐसे में निकीता को मिला एक वोट किसने दिया, यह सवाल चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल—एक वोट किसका?
नतीजे सामने आने के बाद वार्ड 23 का यह परिणाम सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। लोग हैरानी जताने लगे कि जब निर्दलीय महिला प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट मिला, तो यह वोट आखिर किसने दिया। सवाल यह भी उठ रहा था कि क्या यह वोट खुद प्रत्याशी का था या उनके परिवार के किसी सदस्य ने उन्हें वोट दिया था।
पति ने बताया- हमने भाजपा प्रत्याशी को दिया था समर्थन
इस बारे में निर्दलीय महिला प्रत्याशी निकीता पांडे के पति उमेश शर्मा से बात की गई। उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को उन्होंने परिवार सहित वार्ड की भाजपा प्रत्याशी विमला गढ़वाल को समर्थन देने का फैसला किया था। मतदान के दिन वह पत्नी निकीता के साथ मतदान केंद्र भी गए और दोनों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।
फिर निकीता को मिला एक वोट किसने दिया?
जब उमेश शर्मा से पूछा गया कि निकीता पांडे के खाते में आया वह एक वोट किसका था, तो उन्होंने बताया कि वार्ड की एक महिला ने निकीता को वोट दिया था। उनके मुताबिक यही वोट निकीता के खाते में आया।
पहले कांग्रेस से मांगा था टिकट
उमेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने वार्ड 23 से कांग्रेस के टिकट के लिए आवेदन किया था। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन भी किया था, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बजाय पार्टी ने वार्ड 24 के रहने वाले सुरेशचंद्र को वार्ड 23 से प्रत्याशी बना दिया। इसके बाद उमेश शर्मा ने अपनी पत्नी निकीता पांडे का वार्ड 23 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आवेदन कराया और वह चुनाव मैदान में उतरीं।
पारिवारिक रिश्ते के चलते भाजपा प्रत्याशी का समर्थन
उमेश शर्मा के अनुसार वार्ड 23 की भाजपा पार्षद प्रत्याशी विमला गढ़वाल से उनके पारिवारिक संबंध हैं। इसी वजह से उन्होंने 7 सितंबर को भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का फैसला किया। इसके बाद चुनाव में उनकी पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी होने के बावजूद परिवार की ओर से भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मतदान किया गया।
दो निर्दलीय प्रत्याशियों को एक भी वोट नहीं
वार्ड 23 में निकीता पांडे के अलावा हिदायत खान और जंगशेर खान भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थे, जिसमें हिदायत खान वार्ड 45 और जंगशेर खान वार्ड 24 के निवासी हैं। चुनाव परिणाम में दोनों के खाते में शून्य-शून्य वोट आए। वहीं, निकीता पांडे को सिर्फ एक वोट मिला। यही एक वोट अब वार्ड 23 के चुनाव परिणाम की सबसे दिलचस्प कहानी बन गया है।
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