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भोजदेसर की गोचर भूमि पर चली कुल्हाड़ी, दर्जनों हरे पेड़ कटे; तहसीलदार के निर्देश के 8 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं


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भोजदेसर की गोचर भूमि पर चली कुल्हाड़ी, दर्जनों हरे पेड़ कटे; तहसीलदार के निर्देश के 8 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘गोवंश बचाओ’ के नारों के बीच उठे सवाल-कटाई को लेकर ग्रामीणों की शिकायत, सदर थाना पुलिस की कार्रवाई पर निगाह

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : आबिद खान दाडून्दा

फतेहपुर : एक ओर पर्यावरण संरक्षण और गोवंश बचाने के अभियान चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सीकर जिले के फतेहपुर क्षेत्र के भोजदेसर गांव में गोचर भूमि पर हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐतिहासिक जोहड़ की गोचर-चारागाह भूमि पर बिना अनुमति करीब 20 हरे पेड़ काट दिए गए। मामले में तहसील प्रशासन की ओर से पुलिस को कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद आठ दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

गोचर भूमि पर पेड़ों की कटाई से ग्रामीणों में रोष

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर को भोजदेसर गांव की गोचर भूमि पर कई हरे पेड़ों की कटाई की गई। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि का उपयोग गोवंश के चारागाह और पर्यावरण संरक्षण के लिए होता है, वहां बिना सक्षम अनुमति पेड़ों को काटना गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल और वन विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।

तहसीलदार ने पुलिस को दिए कार्रवाई के निर्देश

मामले में रामगढ़ शेखावाटी तहसीलदार इंद्र चंद ने फतेहपुर सदर थाना प्रभारी को पेड़ काटने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित निर्देश दिए हैं। तहसीलदार के अनुसार, हरे पेड़ों की कटाई गलत है और पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि निर्देश के आठ दिन बाद भी मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

वन विभाग बोला-भूमि तहसील प्रशासन के अधीन

मामले में क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) नरेंद्र सिंह ने बताया कि भोजदेसर में वन विभाग की भूमि नहीं है और संबंधित जमीन तहसील प्रशासन के अधीन आती है। भूमि के स्वामित्व और कार्रवाई को लेकर विभागों के बीच स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद अब सवाल यह है कि गोचर भूमि पर पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई कौन करेगा?

रात में हरे पेड़ों से लदे वाहनों के आवागमन का दावा

स्थानीय मीडिया टीम की पड़ताल में फतेहपुर शहर से देर रात हरे पेड़ों से लदे वाहनों के गुजरने का दावा भी किया गया है। इसका वीडियो उपलब्ध होने की बात कही गई है। हालांकि, इन वाहनों और भोजदेसर में पेड़ों की कटाई के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। यदि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हरे पेड़ों की अवैध कटाई हो रही है तो वन विभाग और प्रशासन द्वारा इसकी जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की जरूरत है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के बीच सवाल

पेड़ बचाने और पौधरोपण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों के बीच भोजदेसर का मामला प्रशासनिक व्यवस्था के सामने बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल पौधरोपण अभियान चलाने से पर्यावरण नहीं बचेगा, बल्कि पहले से खड़े हरे पेड़ों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी।

अब ग्रामीणों की नजर पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। क्या तहसीलदार के निर्देश के बाद मामला दर्ज होगा? क्या पेड़ काटने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी? और क्या गोचर भूमि पर पेड़ों की कटाई की पूरी जांच होगी? इन सवालों के जवाब कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।

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