अरावली की वादियों में गूंजे बाबा मलकेतु के जयकारे : लोहार्गल धाम से ठाकुर जी की पालकी संग शुरू हुई 24 कोसी परिक्रमा, उमड़ा आस्था का सैलाब
सूर्यकुंड में पवित्र स्नान के बाद किरोड़ी धाम के लिए रवाना हुए लाखों श्रद्धालु, 72 किमी लंबे दुर्गम मार्ग पर 7 दिन तक दिखेगी भक्ति की अनुपम छटा
उदयपुरवाटी : शेखावाटी के मिनी हरिद्वार के नाम से विख्यात प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोहार्गल धाम से गोगा नवमी से शनिवार शाम बाबा मलकेतु की प्रसिद्ध 24 कोसीय परिक्रमा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हो गई। शाम करीब 4:15 बजे खाकी अखाड़ा से ठाकुर जी की भव्य पालकी सूर्यकुंड पहुंची, जहां गोमुख के जल से ठाकुर जी को पवित्र स्नान कराने के बाद संतों ने पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात “जय बाबा मलकेतु” के जयकारों के बीच हजारों साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जनसैलाब पालकी के साथ परिक्रमा के लिए रवाना हुआ।
किरोड़ी धाम में रहा पहला पड़ाव
मालकेतु बाबा की 24 कोसी परिक्रमा का प्रथम पड़ाव करकोटिका यानी किरोड़ी धाम है। अखिल भारतीय चतुर्थ संप्रदाय के महंत घनश्याम दास महाराज के नेतृत्व में साधु-संत ठाकुर जी की पालकी को कंधों पर लेकर परिक्रमा की अगुवाई कर रहे हैं। परिक्रमा यात्रा सूर्यकुंड से रवाना होकर ज्ञान बावड़ी, चेतन दास की बावड़ी, शिव गोरा मंदिर, गोल्याणा, चिराना श्री चारभुजा मंदिर होते हुए देर रात किरोड़ी धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं एवं संतों ने रात्रि विश्राम किया। किरोड़ी धाम में बरखंडी सेवा समिति तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा परिक्रमार्थियों के लिए निःशुल्क भंडारे व ठहरने की व्यापक व्यवस्था की गई है।
दो जिलों में परिक्रमा का 72 किलोमीटर का दुर्गम मार्ग
मलकेतु बाबा की यह परिक्रमा झुंझुनूं और सीकर जिलों की अरावली श्रृंखलाओं के बीच स्थित करीब 72 किलोमीटर लंबे पथरीले व दुर्गम मार्ग से होकर गुजरती है। परिक्रमा मार्ग में लोहार्गल, चिराना, किरोड़ी, नांगल, कोट, सरजू सागर कोट बांध, सकराय स्थित प्रसिद्ध शाकंभरी धाम, नाग कुंड, टपकेश्वर महादेव, शोभावती, नीमड़ी की घाटी, बारह तिबारा, खाकी अखाड़ा, रघुनाथगढ़, रामपुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं।
भाद्रपद अमावस्या को लक्खी मेले के साथ होगा समापन
सात दिनों तक चलने वाली इस इस परिक्रमा का समापन 11 सितंबर को भाद्रपद अमावस्या पर लोहार्गल के सूर्यकुंड में मुख्य स्नान व लक्खी मेले के साथ होगा। अमावस्या की मध्यरात्रि को लाखों श्रद्धालु सूर्यकुंड में पवित्र डुबकी लगाते हुए सात धाराओं के दर्शन कर अपनी परिक्रमा पूर्ण करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रशासन अलर्ट
परिक्रमा में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। संपूर्ण 72 किलोमीटर के परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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