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मासूमों की जान जोखिम में, छत से टपकते पानी के बीच सिसकती शिक्षा


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मासूमों की जान जोखिम में, छत से टपकते पानी के बीच सिसकती शिक्षा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : आबिद खान दाडून्दा 

​सीकर : बारिश की बूंदें जहाँ आम लोगों के चेहरे पर खुशी लाती हैं, वहीं ग्राम थेड़ी के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों के लिए यह किसी खौफ से कम नहीं होती।

‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब’ का सपना आँखों में सजाए ये बच्चे रोज़ स्कूल तो पहुँचते हैं, लेकिन डर बना रहता है कि कहीं जर्जर छत उनके सपनों के साथ-साथ उनकी साँसों को भी न दबा दे। बारिश होते ही स्कूल में ताला लटकाकर छुट्टी करनी पड़ती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार दम तोड़ रही है।

​इसी बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ जब सब्र का बांध टूटा, तो थेड़ी गाँव के ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने एसएफआई (SFI) के बैनर तले ढाका भवन से जिला कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल राव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ और प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका के नेतृत्व में गूँजते नारों ने प्रशासनिक गलियारों को हिलाकर रख दिया।

​सांसद अमराराम ने जताई चिंता,
अधिकारियों में हड़कंप

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीकर सांसद अमराराम ने जिला प्रशासन से सीधे वार्ता की और सख्त शब्दों में कहा कि ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। सांसद के हस्तक्षेप और छात्रों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत अधिकारियों को मौके की जाँच के लिए गाँव रवाना किया।

​”आश्वासन नहीं, सुरक्षित छत चाहिए”

प्रदर्शन में शामिल नेताओं-राकेश मुवाल, वीरेंद्र किरोड़ीवाल, राम कुमार और अन्य ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि बच्चों को ऐसे खौफनाक माहौल में पढ़ने के लिए मजबूर करना सीधे-सीधे उनकी ज़िंदगी से खिलवाड़ है। अगर जल्द से जल्द जर्जर भवन का पुनर्निर्माण और पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई, तो यह जन-आक्रोश पूरे जिले में बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।

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