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प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल में तोड़फोड़-हंगामा,पुलिस को धक्का देकर अंदर घुसी महिलाएं, पति का आरोप-45 मिनट ब्लीडिंग के बाद रेफर किया


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प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल में तोड़फोड़-हंगामा,पुलिस को धक्का देकर अंदर घुसी महिलाएं, पति का आरोप-45 मिनट ब्लीडिंग के बाद रेफर किया

प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल में तोड़फोड़-हंगामा,पुलिस को धक्का देकर अंदर घुसी महिलाएं, पति का आरोप-45 मिनट ब्लीडिंग के बाद रेफर किया

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

अजीतगढ़ : सीकर जिले के अजीतगढ़ उपजिला अस्पताल में 17 अगस्त को डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर धरना शुरू कर दिया। 18 अगस्त की दोपहर आक्रोशित महिलाएं अस्पताल के अंदर घुस गईं। यहां उन्होंने डॉक्टर के ऑफिस में घुसने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें गेट पर रोक लिया। सूचना पर श्रीमाधोपुर एसडीएम सौरभ भांबू मौके पर पहुंचे और समझाइश की। मांगें मानने के बाद ग्रामीणों ने 20 घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया।

अजीतगढ़ के दमपुरा गांव निवासी महेंद्र मीणा ने बताया- मेरी प्रेग्नेंट पत्नी दौलत जीवन दया मीणा (24) का उप जिला अस्पताल के डॉ. विजय सैनी से इलाज चल रहा था। 17 अगस्त की सुबह 8 बजे जीवन दया (पत्नी) को दिखाने के लिए अस्पताल लेकर आया था। चेकअप के बाद डॉक्टर ने मेरी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कर लिया। इस पर उन्होंने मुझसे एक दर्द का इंजेक्शन मंगवाया। इसके बाद मेरी पत्नी को दर्द शुरू हुआ। डॉक्टर ने कहा कि 2 बजे तक डिलीवरी हो जाएगी।

पति का आरोप- 45 मिनट तक अस्पताल में हुई ब्लीडिंग

दो बजे तक डिलीवरी नहीं हुई तो डॉक्टर ने कहा कि शाम के 5 से 6 बज जाएंगे। शाम 6 बजकर 23 मिनट पर लड़के का जन्म हुआ। इसके बाद प्रसूता का खून बहने लगा। इस पर डॉक्टर ने वहां मौजूद मेरी दोनों बहनों को कमरे से बाहर निकाल दिया। थोड़ी देर बाद डॉक्टर ने बाहर आकर बोला कि मैं इलाज कर रहा हूं। शाम 7 बजकर 13 मिनट पर डॉक्टर ने कहा कि मरीज को जयपुर के जनाना अस्पताल लेकर चले जाओ। मरीज बेहोश हो गया है।

बराला अस्पताल में मरीज को मृत घोषित किया

मरीज को जब एंबुलेंस में लेकर गए तो उसे कोई ड्रिप तक नहीं लगाई गई। सामोद के पास पहुंचने पर डॉक्टर का एंबुलेंस में मौजूद नर्सिंग स्टाफ के पास फोन आया। इसके बाद मरीज को बराला के अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पति ने कहा- मेरी पत्नी का इतना खून बहा था कि पूरी एंबुलेंस खून से सन गई। इससे पहले 45 मिनट तक अस्पताल में ब्लीडिंग हुई।

थाना अधिकारी विजय सिंह ने बताया- सोमवार रात 10 बजे सूचना मिली कि उप जिला अस्पताल में हंगामा हो रहा है। इस पर टीम मौके पर पहुंची और लोगों से समझाइश की। मगर परिजन मुआवजा और कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। परिजनों ने शव को एंबुलेंस में रखे रखा।

आक्रोशित महिलाएं अस्पताल में घुसीं

सुबह 7 बजे ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया। मंगलवार दोपहर 2:30 धरने पर बैठी गांव की महिलाएं आक्रोशित होकर अस्पताल परिसर में घुस गईं। इस दौरान अस्पताल के अंदर कांच के गेट को तोड़ दिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के अस्पताल के चैनल गेट पर रोका मगर प्रदर्शनकारी धक्का देते हुए डॉक्टर के ऑफिस की ओर बढ़ गए। इस वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने गेट को अंदर से बंद कर दिया।

श्रीमाधोपुर एसडीएम ने की समझाइश

हंगामे की सूचना पर श्रीमाधोपुर एसडीएम सौरभ भांबू शाम 4 बजे अजीतगढ़ और धरने पर मौजूद लोगों से बातचीत की। एसडीएम सौरभ भांबू ने कहा- डॉक्टर विजय कुमार सैनी को एपीओ कर मुख्यालय जयपुर भेजने के आदेश जारी हो चुके हैं। मामले की जांच के लिए गठित कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुआवजे का दिया आश्वासन

एसडीएम ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतका के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा करने का आश्वासन दिया। साथ ही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की बात कही।

उप जिला अस्पताल के खाली पदों को भरा जाएगा

उप जिला अस्पताल में रिक्त पदों को भी दो महीने के भीतर भरने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना दे रहे लोगों से गतिरोध समाप्त करने की अपील की गई। प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद 20 घंटे से चल रहा धरना समाप्त हो गया।

सबसे पहले देखिए हंगामे से जुड़ी PHOTOS..

परिजनों ने रात भर शव को एंबुलेंस में रखा।
परिजनों ने रात भर शव को एंबुलेंस में रखा।
अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
अस्पताल में हंगामे के दौरान कांच का गेट तोड़ दिया।
अस्पताल में हंगामे के दौरान कांच का गेट तोड़ दिया।
अस्पताल के चैनल गेट पर पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की।
अस्पताल के चैनल गेट पर पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की।
ग्रामीण गेट खोलकर डॉक्टर के ऑफिस की ओर बढ़ गए।
ग्रामीण गेट खोलकर डॉक्टर के ऑफिस की ओर बढ़ गए।
महिलाएं पुलिस को धक्का देती हुईं अस्पताल में घुस गईं।
महिलाएं पुलिस को धक्का देती हुईं अस्पताल में घुस गईं।
डॉक्टर के ऑफिस में घुसने पर पुलिस ने गेट को अंदर से बंद कर दिया।
डॉक्टर के ऑफिस में घुसने पर पुलिस ने गेट को अंदर से बंद कर दिया।

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