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विजयदान देथा के शताब्दी वर्ष में चूरू में जुटेंगे देशभर के साहित्यकार


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विजयदान देथा के शताब्दी वर्ष में चूरू में जुटेंगे देशभर के साहित्यकार

प्रयास संस्थान की ओर से 31 अगस्त और 1 सितंबर को दो दिवसीय साहित्यकार सम्मेलन

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार पद्मश्री विजयदान देथा ‘बिज्जी’ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर चूरू में देशभर के साहित्यकार जुटेंगे। स्थानीय प्रयास संस्थान की ओर से 31 अगस्त और 1 सितंबर को दो दिवसीय साहित्यकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

प्रयास संस्थान के संस्थापक डॉ. दुलाराम सहारण ने बताया कि सम्मेलन में देश-प्रदेश के करीब 100 साहित्यकारों को आमंत्रित किया गया है। विभिन्न सत्रों में साहित्यकार विजयदान देथा के साहित्य और राजस्थानी भाषा के लिए उनके योगदान पर चर्चा करेंगे।

विजयदान देथा का जन्म 1 सितंबर 1926 को हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन राजस्थानी भाषा और साहित्य को समर्पित किया। उनकी प्रसिद्ध कृति ‘बातां री फुलवारी’ के माध्यम से राजस्थानी लोककथाओं और लोकजीवन को साहित्य जगत में व्यापक पहचान मिली।

संस्थान के सचिव कमल शर्मा ने बताया कि सम्मेलन का आयोजन चूरू के श्री ओसवाल श्रीसंघ पंचायत भवन में होगा। इस दौरान पुस्तक प्रदर्शनी, चित्र प्रदर्शनी, फिल्म प्रदर्शन और पुरस्कार समारोह सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आयोजकों के अनुसार किसी एक राजस्थानी रचनाकार के समूचे भाषा और साहित्यिक कर्म पर केंद्रित यह आयोजन अपने स्वरूप में विशेष होगा। सम्मेलन में बिज्जी के साहित्य, उनकी रचनात्मक दृष्टि और राजस्थानी भाषा को दिए योगदान पर विस्तार से संवाद किया जाएगा।

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