सड़क हादसे के साढ़े तीन महीने बाद जवान का निधन:स्वतंत्रता दिवस पर ली अंतिम सांस, तिरंगा यात्रा में उमड़े लोग; सैन्य सम्मान से दी अंतिम विदाई
सड़क हादसे के साढ़े तीन महीने बाद जवान का निधन:स्वतंत्रता दिवस पर ली अंतिम सांस, तिरंगा यात्रा में उमड़े लोग; सैन्य सम्मान से दी अंतिम विदाई
खंडेला : सीकर के बीएसएफ जवान राकेश कुमार मीणा (40) का रोड एक्सीडेंट के साढ़े तीन महीने बाद निधन हो गया। रविवार को जवान की पार्थिव देह खंडेला के पैतृक गांव पीपलोदा का बास पहुंची। जवान के बड़े बेटे अंशु मीणा ने सेल्यूट कर पार्थिव देह को मुखाग्नि दी, उससे पहले गांव में तिरंगा यात्रा निकाली गई।
जवान राकेश मीणा के घर से श्मशान घाट तक करीब एक किमी लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। यहां बीएसएफ के जवानों ने सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान पूरा गांव राकेश मीणा अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग
रविवार को राकेश कुमार मीणा की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पीपलोदा का बास पहुंची तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। तिरंगे में लिपटे पति को देख वीरांगना मिथलेश होश नहीं संभाल पाई। वहीं, गांव के वीर सपूत को देखकर ग्रामीणों की आंख नम हो गई।
इसके बाद जवान राकेश मीणा के घर से श्मशान घाट तक पूरे सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद राकेश मीणा अमर रहें’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। देशभक्ति के नारों के बीच पार्थिव देह को श्मशान भूमि तक ले जाया गया।

BSF जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया
अंतिम संस्कार के दौरान BSF के जवानों ने अपने साथी जवान को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। BSF के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। मौजूद लोगों ने भारत माता की जय और राकेश मीणा अमर रहें के नारे लगाते हुए अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
बड़े बेटे अंशु ने दी पिता को मुखाग्नि
राकेश कुमार मीणा के दो बेटे हैं। बड़े बेटे अंशु मीणा (16) और छोटे बेटे अभिमन्यु मीणा (12) है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़े बेटे अंशु ने अपने सेल्यूट कर पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें भर आईं।

राकेश कुमार मीणा के पिता बंशीधर मीणा का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में परिवार पर एक और बड़ी त्रासदी टूट पड़ी। राकेश के निधन से उनके दोनों छोटे बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार के लिए यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकेगी।
BSF के अधिकारियों और जवानों ने दी श्रद्धांजलि
शहीद की अंतिम यात्रा में BSF के इंस्पेक्टर सदीक खान, हेड कॉन्स्टेबल हेमराज सिंह, कॉन्स्टेबल राकेश कुमार मीणा, व्हीकल मैकेनिक अजय कुमार और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार सहित BSF के जवान मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार में खंडेला विधायक सुभाष मील, पूर्व मंत्री बंशीधर बाजिया और निवर्तमान प्रधान डॉ. गिरिराज सिंह सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे।

जम्मू-पलौड़ा क्षेत्र में दे रहे थे सेवाएं
राकेश कुमार मीणा 2011 में बीएसएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। पहली तैनाती बेंगलुरु में हुई थी, वर्तमान में राकेश जम्मू-पलौड़ा क्षेत्र में सिटी कॉन्स्टेबल के पद पर सेवाएं दे रहे थे। साथ ही डीआईजी मुख्यालय से संबंधित ड्यूटी भी कर रहे थे।
सीकर जाते समय हुआ था हादसा
जवान राकेश कुमार मीणा के भाई राजेंद्र मीणा ने बताया- 29 अप्रैल को राकेश कुमार मीणा राजकार्य के सिलसिले में सीकर जा रहे थे, तभी रास्ते में बाइक के सामने कुत्ता आने से उनका एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। राकेश के सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थी। राकेश को तुरंत उपचार के लिए एशियन हॉस्पिटल फरीदाबाद में भर्ती कराया गया था।
करीब साढ़े तीन महीने तक राकेश का इलाज चला। 15 अगस्त को राकेश की तबीयत ज्यादा खराब होने लगी और शाम तक उनका निधन हो गया।
देखें अंतिम यात्रा से जुड़े PHOTOS










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