किसानों की समस्याओं को लेकर कृषि मंत्री से मिले सांसद राहुल कस्वां
मूंग की शत-प्रतिशत एमएसपी खरीद और फसल बीमा में राहत की उठाई मांग
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चुरु : लोक सभा सांसद राहुल कस्वां ने राजस्थान के किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दों को लेकर चूरू सांसद राहुल कस्वां ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी से मुलाकात की और राज्य के किसानों की समस्याओं से संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के दौरान सांसद कस्वां ने राजस्थान और विशेषकर शेखावाटी व बीकानेर संभाग में मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर शत-प्रतिशत खरीद की मांग उठाई। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश का अधिकांश कृषि क्षेत्र असिंचित और वर्षा आधारित होने के कारण यहां का किसान लगातार आर्थिक नुकसान में रहता है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा इस वर्ष तय किए गए 5.23 लाख टन मूंग खरीद के लक्ष्य का अधिकांश हिस्सा केवल एक ही राज्य से लिया जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश में खरीद सीमा बढ़ाकर 60% कर दी गई है। उन्होंने राजस्थान में थोपी जा रही शर्तों को हटाकर तुरंत प्रभाव से किसानों से 100% मूंग खरीद की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
इसके साथ ही सांसद राहुल कस्वां ने ‘पीएम धन-धान्य योजना’ में राजस्थान की प्रमुख फसलों को शामिल करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि राजस्थान के चयनित 8 जिलों में योजना के तहत शामिल तुअर, उड़द और मसूर का उत्पादन नगण्य है, जबकि मूंग और चना जैसी बहुतायत में उत्पादित होने वाली फसलों को योजना से बाहर रखा गया है। उन्होंने मांग की कि किसान हित में मूंग व चना को इसमें शामिल किया जाए और योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला व राज्य स्तरीय समितियों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को स्थान दिया जाए।
सांसद कस्वां ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2026) के तहत फार्मर ID की अनिवार्यता के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राजस्थान में 50% से अधिक किसानों के पास फार्मर ID नहीं है, जिससे वे बीमा का लाभ लेने से वंचित रह सकते हैं। इसलिए फार्मर ID को तुरंत वैकल्पिक (Optional) बनाया जाए। इसके अलावा, हनुमानगढ़ जिले में ओरिएंटल एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किसानों को जबरन बैंकों के माध्यम से बीमा कराने के लिए बाध्य करने और CSC (जन सेवा केंद्र) से बीमा कराने वालों की पॉलिसी निरस्त करने की चेतावनी का मामला भी उठाया गया। उन्होंने मांग की कि कंपनी को निर्देशित किया जाए ताकि किसान अपनी सुविधानुसार CSC के माध्यम से भी बीमा करा सकें। अंत में, उन्होंने फसल बीमा योजना की SGRC और STAC जैसी समितियों में भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए गाइडलाइंस में संशोधन की मांग की। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और किसान हित में उचित कार्रवाई करने का पूर्ण आश्वासन दिया।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19





Total views : 2309491

