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पुलिस की पीसीआर पर रोंग साइड दौड़ने का आरोप, हाईवे पर करीब 3 किलोमीटर तक फर्राटे भरने का दावा


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पुलिस की पीसीआर पर रोंग साइड दौड़ने का आरोप, हाईवे पर करीब 3 किलोमीटर तक फर्राटे भरने का दावा

फतेहपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल, वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई की मांग

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : आबिद खान दाडून्दा

फतेहपुर : फतेहपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। एक स्टिंग रिपोर्ट में राजस्थान पुलिस की पीसीआर बोलेरो के राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर गलत दिशा में तेज गति से चलते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना सोमवार देर रात करीब 12:32 बजे की बताई जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार देवास से दो जाटी बालाजी मंदिर के बीच पुलिस की पीसीआर करीब तीन किलोमीटर तक मुख्य राजमार्ग पर गलत दिशा में चलती नजर आई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मीडिया वाहन करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रहा था, जबकि पीसीआर उससे भी तेज गति से आगे बढ़ती दिखाई दी। सामने से आने वाले वाहनों के बीच इस तरह वाहन चलने से सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

पिकअप को रोकने के लिए किया पीछा

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस पीसीआर एक तूड़ी से भरी पिकअप को रोकने के लिए उसका पीछा कर रही थी। पिकअप चालक के अनुसार पुलिस के इशारे पर वाहन नहीं रुकने के बाद पीसीआर ने उसका पीछा किया। हालांकि, इस मार्ग पर एक कट मौजूद होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है, जहां से पुलिस वाहन सही दिशा में आकर पिकअप का पीछा कर सकता था।

इस पिकअप के पीछे भागी पुलिस

पुलिया के पास पिकअप रुकने के बाद चालक से भी बातचीत की गई। पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा किया है कि किसी वाहन को रोकने के लिए पुलिस द्वारा राजमार्ग पर गलत दिशा में तेज गति से वाहन चलाना यातायात नियमों और आमजन की सुरक्षा के लिहाज से कितना उचित है।

स्कूली वाहनों और पुलिसकर्मियों पर भी सवाल

फतेहपुर में गलत दिशा में चलने वाले स्कूली वाहनों और यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ पुलिसकर्मी भी बिना हेलमेट वाहन चलाते हुए कैमरे में कैद हो चुके हैं। न्यायालय परिसर के सामने सर्विस रोड और कोतवाली के सामने होमगार्ड जवानों के यातायात नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

मीडिया रिपोर्टों में लगातार ऐसे मामलों के सामने आने के बाद अब पुलिस के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के लिए भी समान रूप से जरूरी है।

जांच और कार्रवाई की मांग

पीसीआर के गलत दिशा में चलने और तेज गति से वाहन चलाने के कथित मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। यदि वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम सही पाया जाता है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जा रही है।

अब देखना होगा कि मामले में पुलिस के उच्च अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और यातायात नियमों के कथित उल्लंघन की जांच किस स्तर पर की जाती है।

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