राजस्थान नायक समाज संयुक्त समिति ने नगर परिषद चूरू पर लगाया भेदभाव का आरोप
"SC समाज को छात्रावास के लिए भूमि नहीं, विशेष संस्था को 1500 वर्गमीटर बेशकीमती जमीन"
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : जिला मुख्यालय पर राजस्थान नायक समाज संयुक्त समिति ने नगर परिषद चूरू द्वारा जारी 05 अगस्त 2026 की सार्वजनिक विज्ञप्ति पर कड़ी आपत्ति जताई है। समिति के जिलाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद नायक ने कहा कि हमारी रजिस्टर्ड संस्था विगत 3-4 वर्षों से नायक समाज के छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क छात्रावास हेतु भूमि आवंटन की मांग कर रही है। लेकिन नगर परिषद द्वारा “भूमि उपलब्ध नहीं” बताकर हमारी फाइल रद्द कर दी गई।
वहीं दूसरी ओर नगर परिषद ने “संस्था सेवा भारती समिति, राजस्थान” को लोहिया कॉलेज ग्राउंड के समीप पुरानी नर्सरी की 1500 वर्गमीटर बेश कीमती भूमि को “नर्सरी से संस्थानिक उपयोग” में बदलने के लिए विज्ञप्ति जारी कर आपत्तियां मांगी हैं।
नायक ने कहा: “एक तरफ अनुसूचित जाति के बच्चों की शिक्षा के लिए भूमि नहीं है, दूसरी तरफ राजनीतिक प्रभावशाली लोगों की संस्था को शहर के बीचों-बीच जमीन दी जा रही है। यह अनुसूचित जाति के साथ खुला भेदभाव है।”उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार के 1976 के अधिनियम व 28.01.2009 के स्पष्टीकरण पत्र के अनुसार “Nayaka” जाति अनुसूचित जनजाति में है। राजस्थान सरकार द्वारा ST का दर्जा नहीं दिए जाने के कारण नायक समाज के बच्चे उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति व आरक्षण से वंचित हैं।
समिति की मांग:
1. उक्त 1500 वर्गमीटर भूमि का आवंटन तुरंत रोका जाए।
2. उक्त भूमि राजस्थान नायक समाज संयुक्त समिति को नायक समाज के छात्रावास हेतु आवंटित की जाए।
3. नायक समाज को शीघ्र अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए।
नायक ने चेतावनी दी कि यदि 20 अगस्त 2026 तक हमारी आपत्ति का समाधान नहीं हुआ तो राजस्थान नायक समाज संयुक्त समिति के बैनर तले संपूर्ण राजस्थान से समाज का प्रतिनिधि मंडल सितंबर-अक्टूबर में जयपुर मुख्यमंत्री आवास का शांतिपूर्ण घेराव करेगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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