FRT कर्मचारी को करंट लगा, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन:बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया, बोले-शटडाउन के दौरान बिजली चालू की
FRT कर्मचारी को करंट लगा, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन:बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया, बोले-शटडाउन के दौरान बिजली चालू की
लक्ष्मणगढ़ : लक्ष्मणगढ़ के मानासी ग्रिड क्षेत्र में एक FRT कर्मचारी को करंट लगने के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीण मानासी ग्रिड के बाहर जमा हुए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। उन्होंने विभागीय लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित कर्मचारी को न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
शटडाउन के दौरान बिजली सप्लाई चालू की
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना शनिवार को बगड़ी गांव के जोहड़ में हुई। FRT टीम ने बिजली लाइन पर काम करने के लिए शटडाउन लिया हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान बिना उचित सूचना और सुरक्षा सुनिश्चित किए पावर ग्रिड से लाइन चालू कर दी गई।
इस दौरान बुजियानाऊ निवासी FRT कर्मचारी राकेश कुमार (32) को करंट लग गया। हादसे में उनके दोनों हाथ और पैर गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें पहले लक्ष्मणगढ़, फिर सीकर और बाद में जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है।
इसके बाद ग्रामीण लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाने पहुंचे और बिजली विभाग की कथित लापरवाही के खिलाफ शिकायत देकर दोषी अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने मांग पत्र सौंपा
इसके बाद बिजली विभाग के एईएन ग्रामीण (रूरल) विजय महरिया धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उनका मांग-पत्र लिया। ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता (XEN) के नाम सौंपे ज्ञापन में संबंधित FRT कंपनी एवं जीएसएस कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने तथा उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इसके साथ ही घायल कर्मचारी राकेश कुमार के पूरी तरह स्वस्थ होने तक उपचार का संपूर्ण खर्च विभाग द्वारा वहन करने और उनके दोबारा कार्य करने योग्य होने तक नियमित वेतन देने की मांग भी रखी।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित एवं उसके परिवार को 30 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा, सभी FRT टीमों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तथा भविष्य में प्रत्येक विद्युत कार्य से पूर्व लिखित रूप से शटडाउन सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। इन सभी मांगों को लेकर विभाग को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। एईएन विजय महरिया ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें सुनने के बाद मांग-पत्र प्राप्त किया और उसे उच्च अधिकारियों के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
एक साल पहले की घटना का भी जिक्र किया
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह इस तरह की पहली घटना नहीं है। उन्होंने 16 अगस्त 2025 को हुई एक और घटना का जिक्र किया, जब FRT कर्मचारी रामदेव भूमा भी बिजली लाइन पर काम करते समय करंट लगने से घायल हो गए थे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया- घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी न तो पीड़ित से मिलने पहुंचा और न ही उसके परिवार की सुध ली। ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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