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कारगिल दिवस पर वीरांगनाओं और शौर्य पदक विजेताओं का सम्मान:जांगीड़ बोले- सैनिकों ने दुश्मनों को खदेड़कर तिरंगा फहराया, शहीदों को श्रद्धांजलि दी


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कारगिल दिवस पर वीरांगनाओं और शौर्य पदक विजेताओं का सम्मान:जांगीड़ बोले- सैनिकों ने दुश्मनों को खदेड़कर तिरंगा फहराया, शहीदों को श्रद्धांजलि दी

कारगिल दिवस पर वीरांगनाओं और शौर्य पदक विजेताओं का सम्मान:जांगीड़ बोले- सैनिकों ने दुश्मनों को खदेड़कर तिरंगा फहराया, शहीदों को श्रद्धांजलि दी

झुंझुनूं : झुंझुनूं में कारगिल विजय दिवस पर रविवार को सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों की वीरांगनाओं और गैलेंट्री अवार्ड एवं शौर्य पदक से सम्मानित सैनिकों का अभिनंदन किया गया। इस दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंगों में रंग गया।

यह कार्यक्रम ​गौरव सेनानी सेवा समिति के तत्वावधान में इंदिरा नगर स्थित सामुदायिक विकास भवन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों, पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने शहीद स्मारक पर पहुंचकर पुष्प चक्र अर्पित किए और कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर ​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सुरेश जागीड़ ने कहा कि- सैनिकों ने उस समय दुश्मनों को खदेड़कर भारतीय तिरंगा फहराया था।

कारगिल विजय दिवस वीरता और बलिदान की अमर गाथा

​समारोह में उपस्थित सैन्य अधिकारियों और वक्ताओं ने कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति अटूट निष्ठा, त्याग और वीरता की वह अमर गाथा है। जिसे देशवासी कभी भूला नहीं सकते है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले इन वीर सैनिकों का योगदान हमेशा पूरे राष्ट्र के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत रहेगा।

वीरांगनाओं और सैनिकों का सम्मान करें

​गौरव सेनानी सेवा समिति के अध्यक्ष हवलदार रतिराम कस्वा कार्यक्रम में पहुंचकर सभी अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीदों की वीरांगनाओं और रणबांकुरों का सम्मान करना पूरे समाज का नैतिक दायित्व है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और देशसेवा की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं, जिससे युवाओं को सेना में जाकर देश की सेवा करने की प्रेरणा मिलती है।

कारगिल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वीरांगनाओं और गैलेंट्री अवार्ड एवं शौर्य पदक से सम्मानित सैनिकों का सम्मान किया गया।
कारगिल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वीरांगनाओं और गैलेंट्री अवार्ड एवं शौर्य पदक से सम्मानित सैनिकों का सम्मान किया गया।

​विपरीत परिस्थितियों में दुश्मन को धूल चटाई

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (चिड़ावा) कर्नल सुरेश जागीड़ ने कारगिल युद्ध की यादों को ताजा करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों ने बेहद विपरीत और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का परिचय दिया था। उन्होंने दुश्मनों को खदेड़कर भारतीय तिरंगा फहराया था। उन्होंने कहा कि शहीदों का सर्वोच्च बलिदान अतुलनीय है और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह उनके परिवारों के सम्मान और गौरव की रक्षा करे।

​युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान

​पूर्व मेजर जयराम ने कहा कि भारतीय सेना का इतिहास हमेशा से अनुशासित, पराक्रमी और गौरवशाली रहा है। उन्होंने उपस्थित युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन में राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोपरि रखें और देश की रक्षा व सेवा के लिए हर वक्त तैयार रहें। ​पूर्व कैप्टन सुलतान खान ने कहा कि हमारे सैनिक सीमाओं पर बिना किसी डर के इसलिए डटे रहते हैं, क्योंकि उन्हें देशवासियों के विश्वास और समर्थन की ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि शहीदों और वीरों का सम्मान केवल एक विशेष दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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