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सीकर में प्रसूता की मौत से हंगामा,धरने पर बैठे परिजन:पति बोला- इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत, लापरवाही का लगाया आरोप


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सीकर में प्रसूता की मौत से हंगामा,धरने पर बैठे परिजन:पति बोला- इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत, लापरवाही का लगाया आरोप

सीकर में प्रसूता की मौत से हंगामा,धरने पर बैठे परिजन:पति बोला- इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत, लापरवाही का लगाया आरोप

सीकर : सीकर के राजकीय जनाना अस्पताल में प्रसव के बाद एक प्रसूता की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की हालत गंभीर हो गई, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिला। महिला को बाद में जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में एंबुलेंस को वापस सीकर लाया गया। यहां एसके अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतका के परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीकर के एसके अस्पताल की मोर्च्यूरी के बाहर धरना शुरू कर दिया है। परिजनों का कहना है कि जब तक मामले की जांच और उचित आर्थिक सहायता की मांग पर सहमति नहीं बनती, तब तक धरना जारी रहेगा।

21 जुलाई को बच्ची को दिया जन्म

मृतका के पति लालचंद ने बताया कि उनकी पत्नी दीपा नायक(29) निवासी रायपुरा रानोली को लेबर पेन होने पर 20 जुलाई को सीकर के राजकीय जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 21 जुलाई को दीपा ने बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

परिजनों के मुताबिक, 22 जुलाई की दोपहर करीब 1 बजे एक नर्सिंग कर्मचारी ने दीपा को इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि उन्हें डॉक्टर के आने का इंतजार करने के लिए कहा गया।

गंभीर हालत में जयपुर किया रेफर

परिजनों का कहना है कि दीपा की हालत लगातार बिगड़ने पर उन्होंने उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने की मांग की। आरोप है कि काफी देर बाद रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच एंबुलेंस से उसे जयपुर रेफर किया गया।

लालचंद के अनुसार, एंबुलेंस बाजौर के पास पहुंची तो ड्राइवर ने गाड़ी वापस सीकर की ओर मोड़ दी। इसके बाद एंबुलेंस में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने दीपा की फाइल भी ले ली। इसके बाद दीपा को सीकर के एसके अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण दीपा की जान चली गई।

धरने पर बैठे सागर खोखर ने बताया कि हमारी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अस्पताल में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतका के परिवार को उचित आर्थिक सहायता दी जाए। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद ही धरना समाप्त होगा।

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