आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल सातवें दिन भी जारी:सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपए मानदेय की मांग की
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल सातवें दिन भी जारी:सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपए मानदेय की मांग की
सरदारशहर : राजस्थान की लगभग 62 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सरदारशहर में मंगलवार को यह हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। कार्यकर्ता पंचायत समिति कार्यालय के बाहर टेंट लगाकर धरना दे रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया और तीन महीने के आश्वासन को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोले जाएंगे और न ही कोई ऑनलाइन या ऑफलाइन कार्य किया जाएगा।
स्थायी करने का वादा अभी तक पूरा नहीं किया
धरने पर बैठीं सरोज कुल्हरी, अंजू गोस्वामी और कौशल्या रूहिल ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्थायी करने का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि 25-25 वर्षों तक सेवाएं देने के बावजूद उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन और प्रचार-प्रसार उनसे कराया जाता है, लेकिन बदले में केवल मानदेय दिया जाता है। कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में सरकारी कर्मचारी का दर्जा, प्रतिमाह 26 हजार रुपए मानदेय, समय पर भुगतान, सेवानिवृत्ति पर पेंशन और सामाजिक सुरक्षा शामिल है।
अन्य मांगों में रिक्त पदों पर भर्ती, कार्यभार में कमी, ऑनलाइन कार्य के लिए अलग भत्ता, मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन, सेवा नियमों का निर्धारण, पदोन्नति, नौकरी की सुरक्षा और अतिरिक्त कार्य का अलग भुगतान भी शामिल हैं।
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने ही संगठन की जिला अध्यक्ष मंजू नई के एक निर्णय का विरोध किया। मंजू नई ने अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का समर्थन किया था। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि यह निर्णय कार्यकर्ताओं की सहमति के बिना लिया गया है, इसलिए उन्हें यह स्वीकार्य नहीं है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे और कोई भी सरकारी कार्य नहीं किया जाएगा।
अखिल भारतीय किसान सभा के नेता कामरेड रामकृष्ण छींपा ने इस धरने को समर्थन दिया। इस दौरान ग्यारसी, सुमन हुड्डा, विनोद बैदा, कमलेश, नीतू स्वामी, सपना, कौशल्या, बिमला सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थीं।
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