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झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पर स्टूडेंट्स ने कॉकरोच बनकर किया प्रदर्शन:बोले- पेपर लीक हों तो पढ़ाई का क्या मतलब, सिस्टम रोड पर आ गया है


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झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पर स्टूडेंट्स ने कॉकरोच बनकर किया प्रदर्शन:बोले- पेपर लीक हों तो पढ़ाई का क्या मतलब, सिस्टम रोड पर आ गया है

झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पर स्टूडेंट्स ने कॉकरोच बनकर किया प्रदर्शन:बोले- पेपर लीक हों तो पढ़ाई का क्या मतलब, सिस्टम रोड पर आ गया है

झुंझुनूं : झुंझुनूं में सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स कलेक्ट्रेट पहुंचे। स्टूडेंट्स कॉकरोच का प्रतीक लेकर, हाथों में मीम्स और मांगों वाली तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शन के दौरान एक महिला टीचर और स्टूडेंट्स के बीच बहस भी हुई। बाद में SFI कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप किया। स्टूडेंट्स ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम अपनी तीन प्रमुख मांगें भी भेजीं।

कॉकरोच का प्रतीक लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे स्टूडेंट्स

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स कलेक्ट्रेट पहुंचे। स्टूडेंट्स हाथों में ज्ञापन और सिस्टम पर सवाल उठाने वाली मीम्स की तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते रहे।

प्रदर्शन की खास बात यह रही कि स्टूडेंट्स सांकेतिक रूप से कॉकरोच का रूप धारण कर या उसका प्रतीक लेकर पहुंचे। उनके हाथों में मौजूद तख्तियां रचनात्मक अंदाज में परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही थीं।

पोस्टर और नारों से जताया विरोध

कलेक्ट्रेट के बाहर बैठे स्टूडेंट्स के पोस्टर लोगों का ध्यान खींचते रहे। एक पोस्टर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर के साथ लिखा था- धर्मेंद्र प्रधान: “मेरे सब खिलाफ हो रहे हैं महादेव…” महादेव: “अरे यार, तू पहले इस्तीफा दे!” प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “NTA को भंग करो” के नारे लगाते रहे।

महिला टीचर पहुंचीं, स्टूडेंट्स से हुई बहस

प्रदर्शन के दौरान एक स्कूल की महिला टीचर धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने स्टूडेंट्स से पूछा, “कौन-कौन घर पर यह झूठ बोलकर आया है कि स्कूल वालों ने धरने पर बैठने के लिए कहा है?”

इस पर स्टूडेंट्स ने एक साथ जवाब दिया, “हममें से कोई भी ऐसा झूठ बोलकर नहीं आया है।” महिला टीचर ने कहा, “तुम लोग स्कूल की पढ़ाई छोड़कर यहां कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठोगे?” इस पर स्टूडेंट्स ने जवाब दिया, “मैडम, ऐसी पढ़ाई करने का क्या मतलब, जब रात-दिन मेहनत करने के बाद भी पेपर ही लीक हो जाते हैं।”

SFI कार्यकर्ताओं ने किया हस्तक्षेप

महिला टीचर और स्टूडेंट्स के बीच बहस के दौरान मौके पर मौजूद SFI कार्यकर्ता सचिन चोपड़ा और योगेश कटारिया आगे आए। उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट करना बच्चों का फंडामेंटल राइट है और उन्हें अपनी मांगों तथा भविष्य के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा, “ये अपना दिन खराब नहीं कर रहे, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं।” करीब पांच मिनट तक चली बहस के बाद आसपास मौजूद लोगों और स्टूडेंट्स ने भी महिला टीचर की टोका-टोकी का विरोध किया, जिसके बाद वह वहां से लौट गईं।

मांग पत्र में रखीं तीन प्रमुख मांगें

कलेक्ट्रेट पर पहुंचे 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स ने जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को मांग पत्र सौंपा। इसमें तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। पहली मांग में परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही धांधली की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की गई।

दूसरी मांग में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को बंद कर पेपर लीक से सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। तीसरी मांग में पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की रिहाई और दिल्ली में छात्रों को शांतिपूर्ण स्टूडेंट मार्च निकालने की अनुमति देने की मांग शामिल रही।

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