बीदासर रेलवे लाइन की मांग ने पकड़ी रफ्तार, जनआंदोलन की तैयारी तेज
नवदीप ओसवाल के नेतृत्व में अभियान तेज, बीदासर में रेल लाने की मुख्य मांग... आखिर कब तक आएगी बीदासर में रेल ?
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा
बीदासर : रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग अब एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। युवा सामाजिक कार्यकर्ता नवदीप ओसवाल के नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आमजन से एकजुट होकर इसे जनआंदोलन का रूप देने की अपील की जा रही है। रेल कनेक्टिविटी बनेगी विकास की धुरी जारी अभियान सामग्री के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली से जैसलमेर के बीच रेल मार्ग लंबा होने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त दूरी और समय का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित नए रेल मार्ग में बीदासर को केंद्र में रखते हुए लगभग 320 किलोमीटर दूरी कम होने की संभावना जताई गई है। इससे यात्रियों को समय और खर्च दोनों में राहत मिल सकती है इन क्षेत्रों को जोड़ने का प्रस्ताव प्रस्तावित रेल मार्ग में रोही, नारनोल, मेहंदगढ़, निजामपुर, चिड़ावा, उदयपुरवाटी, बीदासर, सवाई, फलोदी, पोखरण और जैसलमेर जैसे क्षेत्रों को जोड़ने की बात कही जा रही है। इसके अलावा बीदासर, तालछापर, सुजानगढ़, श्रीडूंगरगढ़, परसनेऊ और नोखा जैसे नजदीकी स्टेशनों से जोड़ने का सुझाव भी सामने आया है।
लाखों लोगों को होगा सीधा फायदा
अभियान से जुड़े लोगों का दावा है कि इस रेल लाइन से 20 से 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और 50 लाख से अधिक आबादी को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में व्यापार, कृषि, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।नवदीप ओसवाल ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि “बीदासर के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी को एकजुट होकर रेल लाइन की मांग को जनआंदोलन बनाना होगा, ताकि सरकार तक मजबूत संदेश पहुंचे प्रस्तावित नए रेल मार्ग में बीदासर को केंद्र मानते हुए दूरी में करीब 320 किलोमीटर की कमी संभव बताई जा रही है। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि समय और खर्च में भी बड़ी बचत होगी।
बीदासर सहित कई कस्बों को सीधा रेल संपर्क होने से व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर व शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच, क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति प्रस्तावित रेल मार्ग से रोही, नारसील, मेहंदगढ़, निजामपुर, चिरावा, उदयपुरवाटी, बीदासर, वारायला, सवाई, फलोदी, पोखरण और जैसलमेर सहित कई क्षेत्रों को जोड़ने की बात कही जा रही है।
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