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नोखा–सीकर रेल लाइन : 22 साल से अधर में लटकी परियोजना


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नोखा–सीकर रेल लाइन : 22 साल से अधर में लटकी परियोजना

बीदासरवासियों का सवाल - आखिर कब दौड़ेगी यहां से रेल?

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा

बीदासर : राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र और बीकानेर संभाग को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित नोखा–सीकर रेल लाइन परियोजना पिछले करीब 22 वर्षों से इंतजार में है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि महत्वपूर्ण रेल परियोजना स्वीकृति और बजट के अभाव में अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई है, जिससे लाखों लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।

जानकारी के अनुसार प्रस्तावित नोखा–सीकर रेल लाइन करीब 189 किलोमीटर लंबी है। इसके लिए पूर्व में सर्वे कार्य भी किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को लेकर क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

इन प्रमुख कस्बों को जोड़ेगी रेल लाइन

प्रस्तावित रेल मार्ग में नोखा, जसरासर, कातर, सांडवा, बीदासर, छापर, सुजानगढ़, लाडनूं, डीडवाना और सीकर सहित करीब 18 नए रेलवे स्टेशन प्रस्तावित बताए जा रहे हैं। इस रेल लाइन के बनने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

धार्मिक पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

क्षेत्रवासियों का मानना है कि रेल लाइन शुरू होने से मुकाम धाम और सालासर बालाजी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच सुगम होगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से व्यापार, माल परिवहन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की संभावना है। विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिल सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस परियोजना को और अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। सरकार जल्द मंजूरी देकर निर्माण कार्य शुरू करे, ताकि बीदासर सहित पूरे क्षेत्र के लोगों को रेल सेवा का लाभ मिल सके।

जनप्रतिनिधि भी उठा चुके हैं मांग

लंबे समय से लंबित इस परियोजना को लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर से भी कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई है। हाल के वर्षों में राजस्थान में कई रेल परियोजनाओं पर काम तेज हुआ है, लेकिन नोखा–सीकर रेल लाइन अभी भी मंजूरी और क्रियान्वयन की प्रतीक्षा में है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि नोखा–सीकर रेल लाइन केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, रोजगार और पर्यटन की संभावनाओं से जुड़ी जीवनरेखा है। अब लोगों की निगाहें सरकार पर हैं कि बीदासर से रेल यात्रा का सपना कब पूरा होगा।

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