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पद्मश्री बैजनाथ व संत मनसा नाथ महाराज को किए श्रद्धा सुमन अर्पित


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पद्मश्री बैजनाथ व संत मनसा नाथ महाराज को किए श्रद्धा सुमन अर्पित

पद्मश्री बैजनाथ व संत मनसा नाथ महाराज को किए श्रद्धा सुमन अर्पित

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान 

चूरूः जिला मुख्यालय पर स्थानीय भानीनाथ आश्रम में श्रद्धानाथ आश्रम लक्ष्मणगढ़ के पद्मश्री बैजनाथ महाराज व गोगासर के मनसानाथ महाराज को रविवार को आश्रम के पीठाधीश्वर देवनाथ महाराज को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित संतों व श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्माओं को नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूकनसर के योगी कैलाशनाथ व बूंटिया के निरंजननाथ ने बैजनाथ महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए नाथ सम्प्रदाय तथा समाज के प्रति उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। वहीं संत मनसानाथ को गौसेवा व धर्मसेवा के प्रति समर्पित संत बताया।

सेवानिवृत्त उपनिदेशक गोविन्द सिंह राठौड़ ने ब्रह्मलीन श्रद्धानाथ महाराज, बैजनाथ महाराज व मनसानाथ के जीवन चरित्र व उनके योगदान की जानकारी दी। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अमरसिंह शेखावत ने कहा कि बैजनाथ महाराज ने शिक्षा, योग, अध्यात्म, समाज सेवा, गौ सेवा व सनातन संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने हजारों शिष्यों को शिक्षित कर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. शेखावत ने बताया कि बैजनाथ महाराज का जन्म 12 जून 1935 को पनलावा (लक्ष्मणगढ़) में हुआ था। उनकी सेवाओं के सम्मान में भारत सरकार ने वर्ष 2025 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया। 6 जून 2026 को उनके शिवगमन के बाद उत्तराधिकारी योगी प्रकाशनाथ महाराज ने संतों व श्रद्धालुओं की उपस्थिति में उन्हें समाधि दी गई। उनके सम्मान में लक्ष्मणगढ़ का बाजार भी बंद रहा।

श्रद्धांजलि सभा में संत कमलनाथ, संत ध्याननाथ, सौरभनाथ, विद्यानाथ, गुमानसिंह कुमास, राकेश मांजू, एड. जीवराज सिंह राठौड़, रिषिराज शेखावत, रघुवीर सिंह निराधनू, संजय सिंघानिया, ब्रह्मानन्द राजोतिया, गोपी शर्मा, आशीष चोटिया, गौरीशंकर पाटिल, पवन ठठेरा, देवी दत्त ऊंटवालिया, राधाकृष्ण दईया, उम्मेद सिंह राठौड़, सांवरमल सैनी सहित बड़ी संख्या में संत व शहर के गणमान्य जन उपस्थित थे। देवनाथ महाराज ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन विमल सारस्वत ने किया।

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