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पिलानी में साइबर क्राइम जागरूकता सेमिनार आयोजित, एसपी बोले- एक गलती से जीवनभर की कमाई हो सकती है साफ


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पिलानी में साइबर क्राइम जागरूकता सेमिनार आयोजित, एसपी बोले- एक गलती से जीवनभर की कमाई हो सकती है साफ

पिलानी में साइबर क्राइम जागरूकता सेमिनार आयोजित, एसपी बोले- एक गलती से जीवनभर की कमाई हो सकती है साफ

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : निरंजन सैन

पिलानी : जन कल्याण युवा संस्थान शाखा पिलानी एवं श्रीमती इन्द्रमणि मंडेलिया शिक्षा निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में “साइबर अपराध और धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम राजस्थान पुलिस जिला झुंझुनूं के सहयोग से संपन्न हुआ।

सेमिनार का शुभारंभ जिला पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस), बिरला शिक्षण संस्थान के उपनिदेशक अजय कुमार अग्रवाल, जन कल्याण युवा संस्थान शाखा पिलानी के अध्यक्ष डॉ. मनोज जांगिड़, प्राचार्य डॉ. अशोक वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता ईशान मिश्रा, ऋषि राज सिंह राठौड़, साइबर क्राइम एक्सपर्ट अशोक कुमार तथा संरक्षक पवन जाखोड़िया ने दीप प्रज्वलित कर किया।

“OTP शेयर करना पड़ सकता है भारी”

अपने संबोधन में एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर ठगी सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि एक गलत लिंक पर क्लिक करना या OTP साझा करना जीवनभर की कमाई को कुछ ही मिनटों में खत्म कर सकता है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की अपील की।

डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचने की दी जानकारी

झुंझुनूं साइबर सेल के विशेषज्ञ अशोक कुमार, गौरव कुमार सैनी एवं प्रमोद कुमार सैनी ने साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ठग “डिजिटल अरेस्ट”, “KYC अपडेट”, “बिजली बिल बकाया”, UPI फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सेक्सटॉर्शन, सोशल मीडिया हैकिंग और लोन ऐप फ्रॉड जैसे तरीकों से लोगों को निशाना बनाते हैं।

‘गोल्डन ऑवर’ में शिकायत जरूरी

राजस्थान हाई कोर्ट जयपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता ईशान मिश्रा ने बताया कि साइबर ठगी के बाद पहला एक घंटा “गोल्डन ऑवर” माना जाता है। इस दौरान तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिरला शिक्षण संस्थान के उपनिदेशक अजय अग्रवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी सबसे अधिक ऑनलाइन सक्रिय रहती है, इसलिए उन्हें साइबर सुरक्षा की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

सेमिनार में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, अधिवक्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान अध्यक्ष डॉ. मनोज जांगिड़ ने सभी अतिथियों एवं मीडिया का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. नितिन पाठक ने किया।

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