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फायर सेफ्टी वीक के तहत जिले के 283 अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित


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फायर सेफ्टी वीक के तहत जिले के 283 अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित

फायर सेफ्टी वीक के तहत जिले के 283 अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : चंद्रकांत बंका

झुंझुनूं : जिलेभर में गुरुवार को फायर सेफ्टी वीक के तहत व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिले के 175 सरकारी एवं 108 निजी अस्पतालों में आयोजित इस विशेष अभियान में जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा विभिन्न निजी अस्पताल शामिल रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ छोटेलाल गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार एवं चिकित्सा विभाग के निर्देशानुसार वर्तमान में मनाए जा रहे फायर सेफ्टी वीक के अंतर्गत यह गतिविधियां आयोजित की गईं। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में अग्नि दुर्घटना जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करना तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करना रहा।

उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान अस्पतालों में आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार कर स्टाफ को तत्काल अलर्ट जारी करने, मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, फायर अलार्म सिस्टम सक्रिय करने तथा अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही अस्पताल परिसरों में स्थापित फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों एवं विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।

ड्रिल के दौरान चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों एवं अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कई अस्पतालों में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी उपस्थित रहकर आग बुझाने के आधुनिक तरीकों एवं प्राथमिक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।

सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे अभ्यास कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करते हैं तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं संगठित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थानों को नियमित रूप से फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच एवं सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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