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पर्यावरण संरक्षण और जीव दया की मिसाल बने डॉ. पवन चौधरी, सरपंच सूबेदार बच्चन सिंह शेखावत भी रहे साथ


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पर्यावरण संरक्षण और जीव दया की मिसाल बने डॉ. पवन चौधरी, सरपंच सूबेदार बच्चन सिंह शेखावत भी रहे साथ

"एक परिंडा – अनेक जीवन" अभियान के तहत लीखवा में चला ‘परिंडा अभियान’, 50 से अधिक युवाओं ने लगाए 51 जलपात्र

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : निरंजन सैन

पिलानी : राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बीच बेजुबान पक्षियों को राहत पहुंचाने के लिए लीखवा ग्राम पंचायत में एक व्यापक ‘परिंडा अभियान’ चलाया गया। इस पुनीत कार्य की अगुवाई डॉ. पवन चौधरी ने की जिनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन में गांव के सार्वजनिक स्थलों पर पक्षियों के लिए पानी के 51 परिंडे स्थापित किए गए।

शाम को डॉ. पवन चौधरी ने सरपंच सूबेदार बच्चन सिंह शेखावत के साथ मिलकर पंचायत भवन परिसर में पहला परिंडा बांधकर अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर डॉ. चौधरी ने कहा “गर्मी में पानी के अभाव में रोज सैकड़ों पक्षी दम तोड़ देते हैं। अगर हम समय पर चेत जाएं तो इन बेजुबानों की जान बचाई जा सकती है।”

डॉ. पवन चौधरी के नेतृत्व में युवा टोली ने पूरे गांव का भ्रमण कर स्थानों को चिन्हित किया। मुख्य बस स्टैंड ग्राम पंचायत भवन राजकीय विद्यालय खेल मैदान पीपल-बरगद-नीम के बड़े पेड़ों तथा खेतों की मेड़ों पर मिट्टी के 51 परिंडे रस्सी से सुरक्षित बांधे गए।

इस अभियान में सत्यवीर झाझड़िया, डॉ. देव पारीक, सोमवीर, सुमित, रवी, धरमवीर, शशी कुमार, भगवान रोहित सचिन वेद प्रकाश ढाका मोनू शेखावत सुनील शेखावत सुरेश प्रदीप जांगिड़ राहुल खिंची राहुल अमन रेवा अनिल प्रशांत आनंद इत्यादि 50 से अधिक ग्रामीण युवाओं ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया।

डॉ. पवन चौधरी ने सभी युवाओं को टोलियों में बांटकर परिंडों में रोजाना सुबह-शाम साफ पानी भरने की जिम्मेदारी भी सौंपी। उन्होंने कहा “परिंडा लगाना ही काफी नहीं है जब तक हम नियमित पानी नहीं भरेंगे, यह अभियान अधूरा है। हर युवा अपने घर के पास के 2-3 परिंडों की देखरेख करेगा।” समन्वय के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है।

सरपंच सूबेदार बच्चन सिंह शेखावत ने कहा “डॉ. पवन चौधरी हमेशा गांव के विकास और सामाजिक सरोकारों में सबसे आगे रहते हैं। उनकी सोच से ही आज पूरा गांव पर्यावरण के लिए एकजुट हुआ है। यह पहल अन्य पंचायतों के लिए भी नजीर बनेगी।”

डॉ. देव पारीक ने बताया कि गर्मी में पक्षियों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक की समस्या आम है। ऐसे में यह प्रयास सीधे तौर पर जैव-विविधता को बचाने का काम करेगा। ग्रामीण वेद प्रकाश ढाका ने कहा कि डॉ. पवन चौधरी के आह्वान पर युवा एक आवाज पर इकट्ठा हो गए। गांव में इस तरह का सामूहिक प्रयास पहली बार देखने को मिला है।

डॉ. पवन चौधरी की इस दूरदर्शी सोच और युवाओं के जोश को देखकर ग्रामीणों ने पूरे दल का माला पहनाकर स्वागत किया। बुजुर्गों ने कहा कि “डॉ. साहब सिर्फ इलाज ही नहीं करते, बल्कि समाज को भी स्वस्थ बनाने का काम कर रहे हैं।”

अभियान के समापन पर सभी ने पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरण बचाने की शपथ ली। डॉ. पवन चौधरी ने घोषणा की कि मानसून आने पर गांव में 500 पौधे लगाने का अभियान भी जल्द शुरू किया जाएगा।

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