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7 लोकेशन पर ट्रैप कैमरों में कैद हुए लेपर्ड:नीमकाथाना में 24 घंटे चली गणना पूरी, वन्यजीवों की संख्या बढ़ने के संकेत, सभी वाटर पॉइंट्स पर दिखी हलचल


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7 लोकेशन पर ट्रैप कैमरों में कैद हुए लेपर्ड:नीमकाथाना में 24 घंटे चली गणना पूरी, वन्यजीवों की संख्या बढ़ने के संकेत, सभी वाटर पॉइंट्स पर दिखी हलचल

7 लोकेशन पर ट्रैप कैमरों में कैद हुए लेपर्ड:नीमकाथाना में 24 घंटे चली गणना पूरी, वन्यजीवों की संख्या बढ़ने के संकेत, सभी वाटर पॉइंट्स पर दिखी हलचल

नीमकाथाना : नीमकाथाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम 5 बजे शुरू हुई 24 घंटे की वन्यजीव गणना शनिवार शाम 5 बजे सफलतापूर्वक पूरी हो गई। इस बार वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है, क्योंकि सात अलग-अलग स्थानों पर लेपर्ड ट्रैप कैमरों में कैद हुए हैं। साथ ही क्षेत्र में अन्य वन्यजीवों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं।

क्षेत्रीय वन अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि सीकर डीएफओ अमित कुमार के निर्देशन में यह विशेष वन्यजीव गणना अभियान चलाया गया। नीमकाथाना बालेश्वर कंजर्वेशन क्षेत्र में 12 वाटर पॉइंट्स तैयार किए गए थे, जहां ट्रैप कैमरे लगाए गए। इन कैमरों में कई जंगली जानवरों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं।

गणना के दौरान देवराटी धाम, बालेश्वर 10 हैक्टेयर क्षेत्र, अधरशिला, रायपुर जागीर, प्रीतमपुरी नर्सरी सहित कुल 7 स्थानों पर लेपर्ड पानी पीने के लिए वाटर पॉइंट्स पर पहुंचे। इससे क्षेत्र में लेपर्ड की सक्रिय मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

देवराटी धाम पर दो बार पहुंचा लेपर्ड

देवराटी धाम क्षेत्र में लेपर्ड का दो बार मूवमेंट दर्ज किया गया। पहली बार रात करीब 11 बजे और दूसरी बार रात 2 बजे वह पानी पीने के लिए वाटर पॉइंट पर पहुंचा। यहां पगमार्क भी मिले हैं, जिससे उसकी मौजूदगी स्पष्ट हुई।

मचान पर बैठे कर्मचारियों ने सुनी दहाड़

गणना में शामिल फोरेस्टर महेश कुमार ने बताया कि वे मचान पर बैठकर निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान एक लेपर्ड तेज दहाड़ लगाते हुए वाटर पॉइंट पर पहुंचा। वह करीब चार मिनट तक वहीं रुका और फिर पहाड़ी की ओर चला गया।

हर वाटर पॉइंट पर तैनात रहे कर्मचारी

वन विभाग ने सभी 12 वाटर पॉइंट्स पर दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। गणना पूरी होने के बाद सभी कर्मचारी अपना रिकॉर्ड लेकर रेंज कार्यालय पहुंचे, जहां आंकड़ों का संकलन किया गया।

शुक्रवार रात गणना के दौरान एसीएफ अनिता दोई, एसीएफ सीकर श्रवण बाजिया, रेंजर जोगेंद्र सिंह, गश्ती दल प्रभारी हरलाल सिंह खीचड़, सब रेंजर रूपेश, फोरेस्टर मुरदुल सिंह और फोरेस्टर जगदीश शर्मा समेत टीम के सदस्य रातभर जंगलों में मॉनिटरिंग करते नजर आए।

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