[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

1 मई से शुरू होगी मकानों की गिनती:कलेक्टर ने नागरिकों से की जनगणना में सहयोग की अपील


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

1 मई से शुरू होगी मकानों की गिनती:कलेक्टर ने नागरिकों से की जनगणना में सहयोग की अपील

1 मई से शुरू होगी मकानों की गिनती:कलेक्टर ने नागरिकों से की जनगणना में सहयोग की अपील

झुंझुनूं : जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने झुंझुनूं जिले के नागरिकों से इसमें प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की है। कलेक्टर अरुण गर्ग ने बताया कि इस बार की जनगणना को सटीक बनाने के लिए खास प्लानिंग की गई है। पूरी प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया है। जिसकी शुरुआत मकानों की गिनती और उनकी लिस्ट बनाने से की जा रही है।

झुंझुनू में जनगणना अधिकारी एवं विभाग का पोस्टर
झुंझुनू में जनगणना अधिकारी एवं विभाग का पोस्टर

पहला चरण (1 से 15 मई): ‘स्व-गणना’ पर रहेगा जोर

डिजिटल इंडिया को ध्यान में रखते हुए इस बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी गई है।कलेक्टर अरुण गर्ग ने बताया कि 1 से 15 मई, 2026 तक नागरिक आधिकारिक पोर्टल के ‘My Corner’ सेक्शन में जाकर अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं।

दूसरा चरण (16 से 14 जून): फील्ड सर्वे में करेंगे पुष्टि

पहले चरण में जो नागरिक स्व-गणना नहीं कर पाएंगे या जिनकी दी गई जानकारी का सत्यापन होना है, उनके लिए दूसरा चरण महत्वपूर्ण होगा। 16 मई से 14 जून, 2026 तक जनगणना करने वाले अधिकारी (Enumerators) घर-घर जाकर मकानों की लिस्ट बनाएंगे और जानकारी की सत्यता जाचेंगे। इस दौरान मकानों की स्थिति, उनमें मौजूद सुविधाएं और अन्य महत्वपूर्ण सांख्यिकीय डेटा जुटाए जाएंगे।

अपील– सही जानकारी देना जरूरी

कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह भविष्य की सरकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और संसाधनों के वितरण का मुख्य आधार है। इसलिए प्रत्येक नागरिक जनगणना के लिए आने वाले अधिकारियों को वास्तविक और सटीक जानकारी दे।

सुरक्षा और गोपनीयता का भरोसा

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान मिलने वाली जानकारी और डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। इसका उपयोग केवल सरकारी की जन कल्याणकारी नीतियां बनाने में किया जाएगा। जिले के सभी उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

Related Articles